सूरत : इस्कॉन मंदिर से निकलने वाली रथयात्रा रद्द, सख्त दिशा-निर्देशों को लेकर प्रशासकों ने लिया निर्णय

इस्कॉन मंदिर सूरत

पहले तीन किलोमीटर की अनुमति दिया गया था बाद में एक किलोमीटर का रुट दिया

आषाढ़ी दूज के दिन भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा देश भर में जगह-जगह निकलती है।  हालांकि, कोरोना में संक्रमण के कारण पिछले साल स्थगित की गई रथयात्रा को सरकार द्वारा इस वर्ष दिशा-निर्देशों के साथ आयोजित करने की अनुमति दी जा रही है। लेकिन इस्कान मंदिर सूरत की हर वर्ष निकलने वाली परंपरागत रथयात्रा सख्त गाइड लाइन एवं नियमों के अनुसार तय किये गये रुट की जगह कम रुट पर निकलने की परमिशन देने पर मंदिर संचालकों द्वारा रथयात्रा रद्द करने की घोषणा की गई। 
इस्कॉन मंदिर की ओर से सच्चित कुमार दास ने कहा कि सरकार द्वारा पहले नियमों की घोषणा करने के बाद नियमों में बदलाव किया गया था। जिसमें हमने पहले दिए गए नियमों के अनुसार 200 लोगों की सूची भेजी थी। जिसमें टीका(वेक्सीन) लगाने वालों की सूची भेजी गई थी। हालांकि, पिछले दिन, पुलिस अधिकारी मंदिर आए और पिछले आयोजन  के बजाय एक नई योजना और केवल सात लोगों के साथ एक किलोमीटर के रुट पर तीर्थ यात्रा की अनुमति दी। जिससे हमने यात्रा रद्द करने का फैसला किया है।
इस्कॉन मंदिर ने विज्ञप्ति में बताया गया है कि पालनपुर पाटिया से जहांगीरपुरा का मार्ग पहले तय किया गया था। हालांकि  गांधीनगर से नई गाइडलाइन के अनुसार मोराभागल से जहांगीरपुरा का रूट तय किया गया था। जिसके खिलाफ सीमित संख्या में RTPCR टेस्ट वाले लोगों को यात्रा की अनुमति दी गई, जिससे रथयात्रा रद्द कर दी गई है। अब 12 जुलाई को मंदिर में केवल दर्शन होंगे। आने वाले श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंस के नियमों के अनुसार भगवान जगन्नता का दर्शन कराया जाएगा।

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