सूरत : छात्रों से गाली गलोच करनेवाले पुलिस के ‌खिलाफ एट्रोसिटी का मामला दर्ज कराने की तैयारी

युनिवर्सिटी में हुई छात्रों की बैठक में लिया गया निर्णय

युनिवर्सिटी केम्पस में छात्रों को पीटने के बाद पुलिस थाने ले जाकर वहा पर उनसे गाली गलोच करनेवाले पुलिसकर्मीओं पर एट्रोसिटि के तहत मामला दर्ज करने के मुड में है छात्र

छात्र नेता किसी भी कीमत पर हमला करने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित करना चाहते हैं 
वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी के छात्रों और पुलिस के बीच झड़प का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में उमरा पुलिस और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई के बाद उमरा पुलिस ने ईशान और हिमालय झाला को हिरासत में लिया और थाने ले गई। उन्हे छुडाने के लिए पहुंचे कार्यकर्ताओं की थाने के बाहर पीटाई कर दी गई। इतना ही नहीं उमरा थाने में आए कार्यकर्ताओं का नाम पूछकर उन्हे जाति विषयक अपमानजनक शब्द कहनेवाले पुलिस कर्मचारीओं के खिलाफ एट्रोसिटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने की संभावना है। 
सूरत के एबीवीपी मंत्री हितेश गिलातर को पुलिस ने उमरा थाने के बाहर पीटा इसके बाद उनसे उनका नाम पूछा गया। नाम का उल्लेख होते ही डी स्टाफ और अन्य पुलिस कर्मियों ने उसे जाती के बारे में अपमान जनक शब्द और गाली देना शुरू कर दिया। पुलिस की इस हरकत से वह स्तब्ध रह गए। वह विशेष जाती का होने के कारण उन्हें पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस ने पीटाई  की थी इस लिए हितेश गिलातर को इलाज के लिए  सिविल अस्पताल ले जाया गया। सिविल अस्पताल में जवाब लेने पहुची पुलिस को उसने यह भी बताया कि पुलिस ने उसकी  पिटाई करने के साथ नस्लीय अपशब्द भी कहे थे। मैं खुद एक बुनकर समुदाय से आता हूं और मूल रूप से भावनगर का हूं। जैसे ही पुलिस को एहसास हुआ कि मैं किस समाज से ताल्लुक रखता हूं, तुरंत मुझसे अश्लील तरीके से बात करना शुरू कर दिया। मुझे और मेरे साथ कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को थाने के अंदर भी पीटा। इस तरह  पुलिस के बर्ताव से हम सभी स्तब्ध हो गए थे। छात्रसंघ के कार्यकर्ताओं के साथ उमरा पुलिस के अभद्र प्रदर्शन से उमरा पीआई की भुमिका को लेकर राजनीतिक बवाल मच सकता है।  साथ ही एबीवीपी के कार्यकर्ता उमरा पुलिस पर अत्याचार एट्रोसिटी का मामला दर्ज कराने के मूड में हैं। 

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