सूरत : कोरोना से ठीक हुए लोग अस्पताल जाकर मरीजों के रिश्तेदारों को हिम्मत दे रहे!

प्रतिकारात्मक तस्वीर

कोरोना काल में शारीरिक रूप से ठीक होने के साथ साथ मानसिक रूप से मजबूत होना जरुरी

आज के समय में कोरोना ने ना सिर्फ लोगों को शारीरिक रूप से आहत किया है बल्कि मानसिक रूप से भी लोगों को बहुत क्षतिग्रस्त किया है। ऐसे में कोरोना से संक्रमित मरीजों में मानसिक परेशानी और तनाव देखा जा रहा हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों का कोरोना के इलाज के साथ साथ उनकी मानसिक स्थिति को सही रखना बही बहुत आवश्यक है, उन्हें मोटिवेट करना जरुरी है। ऐसे में कोरोना से ठीक हुए लोग कोरोना संक्रमित मरीजों और उनके रिश्तेदारों का हौसला बढ़ा रहे है और उन्हें मोटिवेट कर रहे है।
हमारे आसपास ऐसे कई मामले सामने आये है जहाँ कोरोना के डर से कई लोगों ने आत्महत्या तक कर लिया। यहाँ तक मात्र सामान्य लक्षण दिखने के बाद ही कुछ युवाओं ने आत्महत्या कर लिया। ऐसे में कई व्यक्ति और उनके परिवार की स्थिति और अधिक गंभीर हो चुकी है। ऐसे में लोगों को सकारात्मक रहना और आसपास के लोगों को मोटीवेट करते रहना आवश्यक है।
ऐसे में कोरोना से ठीक हुए एक व्यक्ति ने बताया कि कोरोना से संक्रमित होने पर अस्पताल जाना पड़ता है तब वहां का माहोल ऐसा होता है जिससे व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हो सकता है। ऐसे में मरीज और उसके घर वालों को मानसिक रूप से मजबूत होना अतिआवश्यक है। इसके लिए हमें इन्हें मोटीवेट करते रहना चाहिए। अस्पतालों में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए जिससे वहां के लोगों को मानसिक रूप से मजबूती मिले और वो लोग घबराए नहीं।

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