सूरत : गणेशोत्सव के दौरान मात्र 4 फिट की प्रतिमाओं की हो सकेगी स्थापना

10 बाय 10 के मंडप बनाने की अनुमति, जाहीर तौर पर स्थापित किए जाने वाली प्रतिमाओं के लिए लेनी पड़ेगी परमीट

देश भर में डेढ़ साल बाद अब कोरोना के केसों में सबसे अधिक कटौती देखी जा रही है। जिसके चलते सरकार की गाइडलाइंस के साथ सार्वजनिक गणेश उत्सव मनाने की अनुमति दी गई है। सरकार की अनुमति मिलने के बाद ही विभिन्न गणेश उत्सव समिति द्वारा शहर में गणेश उत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गई है। 
समिति के संचालकों के अनुसार, सरकार द्वारा गणेशोत्सव में चार फिट की प्रतिमा की अनुमति के साथ ही मंडप के लिए भी मात्र 10 बाय 10 की साइज तय की गई है। हालांकि संचालको ने यह डर भी जताया था कि गणेशोत्सव के दौरान ही यदि कोरोना की तीसरी लहर आती है तो गाइडलाइन बदल भी सकती है। इस सबके अलावा गणेश उत्सव समिति द्वारा मिट्टी की प्रतिमाओं को प्रोत्साहन देने के लिए 1500 रुपए की प्रतिमा को मात्र 900 रुपए में देने का ऐलान किया गया है, इसके साथ ही एक मिट्टी का बर्तन भी दिया जाएगा, जिसमें वह प्रतिमा को विसर्जित किया जाएगा। 
सूरत शहर गणेशोत्सव समिति आयोजित एक पत्रकार परिषद में विभिन्न सदस्यों की उपस्थिती में पुलिस कमिशनर से अनुमति मांगी गई थी। इसके अलावा समिति द्वारा 4 फिट से छोटी मूर्तियों को स्थापित करने अनुमति मांगी थी। इसके अलावा मिट्टी की प्रतिमाओं को नदी किनारे विसर्जित करने की अनुमति भी दी जाएगी। हालांकि इसके लिए पब्लिक प्लेस पर मूर्ति स्थापित करने के लिए परमीट लेना पड़ेगा, जबकि घर या सोसाइटी में स्थापित मूर्ति जिनका विसर्जन वहीं करने का आयोजन हो उन्हें परमीट लेने की कोई जरूरत नहीं रहेगी। 
समिति के प्रमुख स्वामी अंबरिशानंद ने कहा की गणेशोत्स्व की अनुमति तो मिल गई है, पर कोरोना की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुये सरकारी गाइडलाइन का पालन जरूरी है। समिति द्वारा इस साल तकरीबन 15 हजार से अधिक प्रतिमाएँ स्थापित होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। 

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