सूरत : लो, अब कंटेन्मेंट ज़ोन में लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने की जिम्मेदारी शिक्षकों को!

शिक्षक के साथ-साथ पुलिस का काम करने की ज़िम्मेदारी भी अब टीचर की, शिक्षकों में दिखी नाराजगी

सूरत में कोरोना के संक्रमण ने अपनी रफ्तार तेज कर दी है। बढ़ रहे कोरोना को रोकने के लिए निगम के पास स्टाफ की भी कमी होने लगी है। जिसके चलते नगर निगम ने नगर प्राथमिक शिक्षण समिति के शिक्षको को ही काम देने का निर्णय कर लिया है। इस बार शिक्षकों को कटेंटेमेंट जॉन और बेरिकेडिंग का भंग करने वाले लोगों एक खिलाफ कार्यवाही करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। 
शहर में जहां जहां कोरोना के केस अधिक है वाहन तंत्र द्वारा कंटेंटमेंट जॉन जाहीर कर वाहन पतरे और बांस की सहायता से बेरिकेडिंग कर दी गई है। हालांकि इसके बाद भी लोग बेरिकेड तोड़ कर आना-जाना कर रहे है। इसके कारण भी संक्रमण बढ़ रहा है। जिसको लेकर अब नगर प्राथमिक शिक्षण समिति के शिक्षकों को बेरिकेड भंग कर के आने-जाने वाले लोगों को रोकने की ज़िम्मेदारी दी गई है। जिसके लिए नगर निगम द्वारा ऑर्डर भी कर दिये गए है। 
फिलहाल समिति के शिक्षकों को ऑनलाइन शिक्षण, परीक्षाएँ और उनकी मार्किंग के साथ अनाज वितरण जैसे काम भी दिये गए है। ऐसे में एक और काम देकर उनके ऊपर वर्कलोड बढ़ाया जा रहा है। जिसे लेकर शिक्षको में काफी नाराजगी भी देखी जा रही है। यहीं नहीं भूतकाल में भी जब शिक्षकों को इस तरह के काम में जोड़ा गया था, तब उनके साथ बुरा व्यवहार भी हुआ था। जो काम पुलिस का है वह काम शिक्षको को देने के चलते सभी में काफी नाराजगी देखने मिली है। 

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