सूरत महानगरपालिका अब कक्षा 11 और 12 कोमर्स की सूमन हाईस्कूल में शिक्षा देगी

सूरत महानगर पालिका

सूरत महानगरपालिका संचालित सुमन हाईस्कूल में कक्षा ९ से १० की शिक्षा के बाद अब कक्षा ११ और १२ कोमर्स की शिक्षा भी देने का निर्णय भाजपा शासकोने लिया।

इस वर्ष कक्षा 11 में गुजराती माध्यम के 8, मराठी माध्यम के 4 और हिन्दी माध्यम के 2 वर्ग शुरू होंगे 
स्थायी समिति ने अब सुमन हाईस्कुल के छात्रों को  कक्षा 11 और 12 वाणिज्य प्रवाह में सूमन उच्च हाईस्कूल की शिक्षा देने का निर्णय लिया है। इस महत्वपुर्ण निर्णय के साथ सूरत महानगरपालिका समग्र भारत मे एक मात्र महानगरपालिका होगी जो कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा प्रदान करेगी। स्थायी समिति ने कक्षा 9 से 12 तक छात्राओं से फिस नही लेने का भी निर्णय लिया है। 18 सुमन हाईस्कूल में कक्षा 10 के 4400 से  करीबन 800 के आसपास छात्रों को अब कक्षा 11 वाणिज्य में प्रवेश मिलेगा। 
स्थायी समिति अध्यक्ष परेश पटेल ने जानकारी देते हुए कहा कि महानगरपालिका संचालित सुमन हाई स्कूल नं. 1 से 18 में  कक्षा -9 और कक्षा -10 के 4400 से अधिक माध्यमिक विभाग के छात्रों को पढाया जाता है । उन्हे पिछले शैक्षणिक वर्ष के दौरान कक्षा10 में कोरोना महामारी के कारण उन्हें मास प्रमोशन बड़े पैमाने पर पदोन्नति दी गई है। ऐसी परिस्थिति में सुमन हाईस्कूल के छात्रों को कक्षा-11 उच्च माध्यमिक विभाग में अन्य स्वीकृत / गैर-अनुदानित विद्यालयों में प्रवेश पाने की संभावना कम दिख रही है।
इनमें से विशेषकर यदि छात्राओं को प्रवेश नहीं मिलता है, तो उनके माता-पिता की वर्तमान आर्थिक स्थिति में उच्च माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने का उनका सपना पूरा नही हो पाएगा। यदि निगम द्वारा संचालित सुमन विद्यालयों में कक्षा-11 वाणिज्य धारा प्रारंभ की जाती है तो कक्षा-10 के गुजराती माध्यम के 1892, मराठी माध्यम के 2181, और हिन्दी माध्यम के 424 छात्र-छात्राओं में से  कुछेक को प्रवेश दिया जा सकता है। सुमन हाईस्कूल क्रमांक 1 से 18 में वर्तमान में उपलब्ध कक्षाओं में ही  गुजराती माध्यम के 8, मराठी के 4 और हिन्दी के 2 वर्ग सहित प्रथम वर्ष में कुल 14 वर्ग में कक्षा 11 शुरू हो सकती है। वराछा की 2 स्कूलों में 4 वर्ग, कतारगाम की 1 स्कूल में 2 वर्ग, लिंबायत की 1 स्कूल मे 2 वर्ग उधना की 2 स्कूलों में 4 वर्ग ( 2 हिन्दी 2 गुजराती माध्यम) सहित 14 वर्ग शुरू होंगे। 
राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मान्यता के अनुसार कक्षा-11 के वाणिज्य के प्रथम वर्ष में कक्षा-10 के बाद लगातार इकाई के रूप में प्रति विद्यालय एक ही कक्षा के लिए आवश्यकता अनुसार शैक्षणिक स्टाफ की स्थापना करे। 1 कक्षा के लिए 4 शिक्षक के अनुसार 12 वर्ग में  48 शिक्षकों की जरूरत रहेगी। 
यदि यह शैक्षिक स्टाफ आउटसोर्स किया जाता है, तो प्रति कक्षा कुल 5 लाख रुपये के खर्च होने का अनुमान है और यदि इसे नियमित शैक्षिक कर्मचारियों के साथ आउटसोर्स किया जाता है, तो यह अनुमान है कि कुल रु 10.65 लाख रुपये का खर्च का अनुमान है।
वहीं सुमन सेकेंडरी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में नामांकित छात्राओं की प्रवेश फीस समाप्त करने का निर्णय लिया है। शहर के गरीब वर्ग के छात्राओं की पढ़ाई माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा के दौरान अभिभावकों की छोटी-मोटी आर्थिक दिक्कतों के कारण छूटी जा रही है। छात्रों को फिस में छुट देने का छोटा लेकिन बहुमूल्य प्रयास शासकों की दूरदर्शिता का एक नेक उदाहरण है।
उपरोक्त हायर सेकेंडरी कक्षा के गुजराती, मराठी और हिंदी माध्यम में कॉमर्स स्ट्रीम की 14 कक्षाएं शुरू करने का निर्णय आज की स्थायी समिति में लिया गया।  इसी के साथ सूरत नगर निगम पूरे भारत में गुजराती, मराठी और हिंदी माध्यम में कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा प्रदान करने वाला निगम बन जाएगा, जिसका गौरव पूरे शहर के नागरिकों के लिए आभारी रहेगा।
सुमन हायर सेकेंडरी स्कूल चलाने की वार्षिक लागत को पूरा करने के लिए नगर निगम की एसपीवी कंपनियों और शहर की अन्य औद्योगिक इकाइयों के तहत सीएसआर फंड से पूरी धनराशि प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। जिसके तहत लक्ष्मीपति ग्रुप केसंजय सरगवी द्वारा सुमन हायर सेकेंडरी की लड़कियों की पढ़ाई के लिए सीएसआर फंड में 10 लाख रुपये देने की मौखिक स्वीकृति दी गई है।

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