सूरत : डॉक्टरों को हिदायत; जिस महंगे वाले इंजेक्शन का उत्पादन ही बंद है उसे प्रिस्क्राइब करना बंद करें!

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)

रेमड़ेसिविर इंजेक्शन भी मात्र अति जरूरी हो तभी इस्तेमाल करने के निर्देश, अस्पतालों में ऑक्सीज़न का करकसर पूर्वक इस्तेमाल करने की हिदायत

कोरोना की दूसरी लहर में डॉक्टर की ओर से बड़ी संख्या में टोसिलिजुमैब इंजेक्शन के लिए मरीजों को प्रिस्क्रिपशन दिया जा रहा है जबकि इस इंजेक्शन का उत्पादन ही बंद हो चुका है। यह बात ध्यान पर आने के पश्चात जिला कलेक्टर ने डॉक्टर्स के साथ गुरूवार  को मीटिंग करके इस इंजेक्शन का प्रिसक्रिप्शन नहीं लिखने की सूचना दी है।  साथ ही यह भी कहा कि रेमेडेसिविर इंजेक्शन भी जिन्हें जरूरत हो उन्हें मरीजों के लिए प्रिसक्राइब की जाए। 
सूरत में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के कारण ऑक्सीजन,रेमेडेसिविर इंजेक्शन और टॉसिलिजूमैब इंजेक्शन की डिमांड बढ़ी है। इन तीनों चीजों की शोर्टेज भी चल रही है जिसके चलते प्रशासन भी परेशान है। जिला कलेक्टर ने गुरुवार को शहर के डॉक्टर और एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करके उन्हें अपील की थी कि जो इंजेक्शन सूरत ही नहीं बल्कि गुजरात में कहीं नहीं मिलती कंपनी ने इंजेक्शन का उत्पादन ही बंद कर दिया है इसके बावजूद कई डॉक्टर उसे प्रिसक्राईब कर  रहे हैं। जिससे कि मरीज के संबंधी गुजरात या अन्य राज्यों में से अधिक क़ीमत देकर  किसी भी तरह इंजेक्शन ले आ रहे हैं। उन्हें दिक्कत का भी सामना करना पड़ रहा है। इसलिए मरीज के लिए यह प्रिस्क्राइब नहीं करें।
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रैमडेसिविर इंजेक्शन भी बहुत जरूरत है ऐसे मरीजों को ही सुझाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि ऑक्सीजन का उपयोग भी करकसर पूर्वक किया जाए यदि साधनों में कोई कमी हो तो उसे दूर करके ऑक्सीजन बचाने का प्रयास किया जाए। सूरत सिविल हॉस्पिटल में प्रतिदिन 50 से 60  टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। जिला कलेक्टर ने ऑक्सीजन का उपयोग करने की सूचना के बाद ऑक्सीजन का उपयोग घटा है। क्योंकि पहले खाली हो जाने के बाद भी ऑक्सीजन का सप्लाई चालू रहती थी जो अब ध्यान पर आने के बाद बंद कर दिया जाता है इस तरह से 12 टन कका उपयोग घटा है।

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