सूरत : कड़ी ड्युटी कर रहे पुलिसकर्मियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिये ‘मोबाइल रिफ्रेशमेंट वान’ की पहल

कोरोना काल में लगातार आठ-आठ घंटे तक खड़े रहते है पुलिस अधिकारी

शहर भर में कोरोना के केसों कि स्थिति काफी ज्यादा बिगड़ चुकी है। लोगों को कोरोना के संक्रमण से दूर रखने के लिए पुलिस और डॉक्टर सहित सभी फ्रंटलाइन वर्कर काफी मेहनत कर रहे है। अस्पताल से लेकर श्मशान तक हर जगह पुलिस का बंदोबस्त लगाया जा रहा है। कोरोना की लगातार ड्यूटी से परेशान होकर कई पुलिस वाले भी मानसिक रूप से और शारीरिक रूप से कमजोर होने लगे है। ऐसे में सभी पुलिस कर्मचारियों के स्वास्थ्य के बारे में सोचते हुये पुलिस कमिशनर ने मोबाइल रिफ्रेशमेंट वैन शुरू करने की दिशा में कदम उठाए है। 
फिलहाल कोरोना के बढ़ते प्रभाव को कम करने का सबसे कारगर यदि कोई उपाय है तो वह मात्र यही है की अधिक से अधिक संक्रमित लोगों को घर के बाहर निकलने से रोका जाये। इसके अलावा पब्लिक प्लेस पर सामाजिक दूरी के नियमों का पालन भी अति जरूरी है। तंत्र भी इस बारे में काफी सख्त है, जिसके कारण शहर पुलिस द्वारा इस दिशा में सभी प्रयास किए जा रहे है। हालांकि इस प्रयास में कई पुलिस वाले खुद भी कोरोना संक्रमित हो गए है। इस साल 300 से भी अधिक पुलिस कर्मचारी फिलहाल कोरोना का संक्रमित हो चुके है, जबकि 4 कर्मचारियों की मौत भी हो चुकी है। 
पुलिस कमिश्नर का कहना है कि कर्मचारियों को लगातार आठ-आठ घंटे तक खड़े रहना पड़ता है। इस दौरान उन्हें भूखा भी रहना पड़ता है, जिससे की कमजोरी आने का भी डर है। महामारी के इस समय में कमजोरी के कारण उनके बीमार होने की संभावना भी बनी रहती है। इस कारण बंदोबस्त में लगी पुलिस को हेल्धि फूड देने का निर्णय लिया गया है। जिसके अंतर्गत वैन द्वारा पुलिस वालों को हल्का पर आरोग्यवर्धक नासता दिया जाएगा। 

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