सूरत : घर-घर तिरंगा अभियान, शहर के 125 व्यापारी विभिन्न ई-कॉमर्स साइटों पर बेच रहे तिरंगा

रोजाना 40 हजार से ज्यादा ऑर्डर

कपड़ा बाजार के लिए ऑक्सीजन बने 10 करोड़ तिरंगे ऑर्डर

रोजाना 40 हजार से ज्यादा ऑर्डर, सूरत से देश के हर राज्य हर जिले में जा रहा है तिरंगा
आजादी का अमृत महोत्सव के तहत 13 से 15 अगस्त तक घर-घर तिरंगा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। कपड़ा मंत्रालय ने सूरत के बड़े कपड़ा उद्योगपतियों को पूरे देश में भेजने के लिए 1 करोड़ से ज्यादा का तिरंगा बनाने का आदेश दिया था। लेकिन करीब 125 छोटे उद्यमी छोटे स्तर पर तिरंगा बनाकर उसे ई-कॉमर्स साइट्स पर बेच रहे हैं। हर व्यापारी को हर दिन तिरंगे के 300 से ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं।
रोजाना बिक रहा 40 हजार से ज्यादा तिरंगा
पिछले 10 दिनों से ऑनलाइन तिरंगे की मांग बढ़ गई है। सभी ऑनलाइन विक्रेता मिलकर रोजाना 40 हजार से अधिक तिरंगे ऑनलाइन बेच रहे हैं। ई-कॉमर्स साइट्स पर रोजाना 12 लाख रुपये से ज्यादा कीमत के तिरंगे बिक रहे हैं। सूरत के कपड़ा उद्योग को तिरंगे का ऑर्डर मिलने से पहले ही मायूसी का माहौल था लेकिन 10 करोड़ के तिरंगे के ऑर्डर ने कपड़ा उद्योग को ऑक्सीजन दी।
छुट्टी तो दूर रही, दिन-रात मिलें गुलजार रहने लगीं
कपड़े की मांग कम होने के कारण प्रसंस्करण मिलों में सप्ताह में 2 से 3 दिन की छुट्टी दी जाती थी। उसमें उद्योगपतियों को तिरंगे का ओर्डर मिलने के बाद मिलों ने दिन-रात काम करना शुरू कर दिया, जिससे 1 करोड़ साडिय़ों का उत्पादन कम हो गया। यानी एक करोड़ साडिय़ों के एक ही कपड़े से 10 करोड़ से ज्यादा तिरंगे बनाए गए।
इन शहरों से सबसे ज्यादा ऑर्डर मिल रहे है।
देश के अलग-अलग राज्यों से खासकर ऑनलाइन तिरंगे के ऑर्डर आ रहे हैं। जिसमें सबसे ज्यादा ऑर्डर मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, इंदौर, भोपाल और अहमदाबाद से आ रहे हैं।
हमारे पास 3 हाई स्पीड मशीनें हैं। जिनमें से 1 ने तिरंगा बनाया और अन्य 2 ने साडिय़ों का निर्माण शुरू किया। - संजय सरावगी, अध्यक्ष, लक्ष्मीपति समूह
सभी ऑनलाइन व्यापारियों को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। रोजाना 40 हजार से ज्यादा तिरंगे बिक रहे हैं।- संदीप कथिरिया, अमेजन सेलर

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