सूरत : अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को 20 वर्ष की सजा सुनाई

प्रतिकारात्मक तस्वीर

अपहरण कर यूपी और पंजाब ले जाकर किया था बार-बार बलात्कार

 सचिन जीआईडीसी इलाके से अगवा कर यूपी और पंजाब ले जाकर बार-बार रेप करने वाले  को मंगलवार को सत्र अदालत ने 20 साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने बच्चियों के साथ बढ़ते रेप के मामले को ध्यान में रखते हुए  समाज में मिसाल कायम हो इसके लिए अलग-अलग धारा के गुनाह में अलग-अलग सजा और जुर्माना लगाया है।  पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी इंद्रजीत ईश्वर प्रसाद रिश्तेदारों और परिचितों के बीच अपनी बहन के रुप में  पहचान देकर यूपी और पंजाब में लड़की का रेप कर रहा था।
सरकारी वकील अरविंद वसोया ने बताया कि घटना 21-4-2017 को शाम 5 बजे की है। 10 साल की बच्ची अपने घर के बाहर बहनों के साथ खेल रही थी। बाजार से आई मां अचानक बच्ची के नहीं दिखे जाने  से तलाशी शुरु कर दी। घंटों बाद भी लड़की नहीं मिली तो थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई।
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस जांच के दौरान लड़की का अपहरण कर लेने की बात सामने आई  और इसी क्षेत्र में रहते 30 वर्षीय इंद्रजीत ईश्वर प्रसाद द्वारा अपहरण करने की बात सामने आई।   पुलिस ने तमाम कोशिशों के बाद मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच की तो पता चला कि इंद्रजीत यूपी में है। सूरत पुलिस की एक टीम यूपी जा रही थी तभी आरोपी इंद्रजीत लड़की को लेकर पंजाब भाग गया। लगातार मोबाइल लोकेशन ट्रेस की मदद से पुलिस ने यूपी जाकर जय इंद्रजीत को गिरफ्तार कर लिया। इतना ही नहीं बल्कि रणनीति बनाकर लड़की की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंद्रजीत को पकड़ लिया गया और दोनों को लेकर सूरत ले आई।  
उन्होंने आगे कहा कि सूरत आने के बाद पुलिस ने सभी सबूत जुटाने के लिए लड़की का मेडिकल और आरोपी की एफएसएल रिपोर्ट निकाली थी। इतना ही नहीं पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों राज्यों में आरोपी बच्ची की पहचान अपनी छोटी बहन के तौर पर कर रहा था। सूरत में भी आरोपी इंद्रजीत बच्ची को फल और नमकीन खिलाकर पैसे देकर उसकी मदद करता था। पुलिस द्वारा सभी सबूतों के साथ अदालत में आरोप पत्र दायर करने के करीब छह महीने बाद अदालत ने सरकारी वकील अरविंदभाई वसोया की तीखी दलील सुनी और लड़की को अपहरण और बलात्कार के मामले में दोषी करार देकर एक मिसाल कायम की।
उन्होंने आगे कहा कि 5वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डीपी महिडा ने उन्हें धारा 363 के तहत दर्ज अपराधों के लिए 3 साल कैद और 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई, धारा 366 के तहत दर्ज अपराध के लिए 7 साल कैद और 10 हजार रुपये का जुर्माना, 376 पॉस्को धारा के तहत दर्ज अपराध में  कुल 20 साल की कैद और 20 रुपये के जुर्माने का आदेश अदालत ने सुनायी है। जुर्माना नहीं भरने पर एक माह की अतिरिक्त सख्त सजा का आदेश दिया है। 

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