सूरत : कपड़ा उद्योग में 12 प्रतिशत की जीएसटी को वापस लेकर सिर्फ 2 फीसदी रखने कांग्रेस ने की मांग

सूरत शहर कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कलेक्टर कार्यालय में जीएसटी पर विरोध जताते हुए

सूरत शहर कांग्रेस ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर कपडे पर प्रस्तावित १२ प्रतिशत जीएसटी को कम करके २ प्रतिशत रखने की मांग की है

जीएसटी में कटौती के लिए कांग्रेस ने जिलाधिकारी को सौंपा आवेदन
केंद्र सरकार ने कपड़ा उद्योग में जीएसटी को बढ़ाकर 12 फीसदी करने का फैसला किया है। अब तक केंद्र सरकार 5 फीसदी जीएसटी लगाती थी। केंद्र सरकार द्वारा अब  1 जनवरी 2022 से पांच प्रतिशत के बजाय 12 प्रतिशत जीएसटी लगाने का निर्णय लेने के बाद, कांग्रेस ने सोमवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर जीएसटी में कमी की मांग की। केंद्र सरकार ने कपड़ा उद्योग में जीएसटी का प्रतिशत बढ़ा दिया है, जिससे उद्योगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। कांग्रेस ने मांग की है कि केंद्र सरकार कपड़ा उद्योग से सिर्फ 2 फीसदी जीएसटी लगाए। केंद्र सरकार 1 जनवरी, 2022 से जीएसटी काउंसिल के जरिए नोटिफिकेशन जारी कर 12 फीसदी जीएसटी लगाना शुरू करेगी। पहले सिर्फ रेडीमेड गारमेंट्स पर जीएसटी लागू था। अब टेक्सटाइल में तेज उछाल के साथ टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए भी 12 प्रतिशत जीएसटी से एक नई समस्या खड़ी हो जाएगी। कांग्रेस के शहर उपाध्यक्ष हरीश सूर्यवंशी ने जिला कलेक्टर को दिए ज्ञापन में कपड़ा उद्योग पर लगने वाले जीएसटी को कम करने की मांग की है। जीएसटी बढ़ने से कपड़ा और महंगा हो जाएगा और उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ेगा। सूरत के कपड़ा उद्योग को वैश्विक बाजार में बनाए रखने के बजाय इस तरह के जल्दबाजी में लिया गया निर्णय व्यापार की गति को धीमा कर देता है। ऐसी नीतियां उद्योग के लिए हानिकारक साबित होती हैं। केंद्र सरकार ने जीएसटी काउन्सील के जरिए जो अधिसूचना जारी की है उसे वापस लेने और वस्त्रों पर केवल दो प्रतिशत जीएसटी लगाया जाए ऐसी मांग कांग्रेस ने की है। 

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