सूरत : केंद्र सरकार ने लॉन्च की ई-श्रम पोर्टल ठप्प, श्रमिक कार्ड के लिए लगी लंबी कतारे

(Photo Credit : Gujaratsamachar)

केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए लॉन्च की गई ई-श्रम पोर्टल

शहर में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या ज्यादा है। केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए 26 अगस्त से ई-श्रम पोर्टल लॉन्च की है। डिजिटल इंडिया के माध्यम से कॉमन सर्विस सेंटरों पर श्रमिक इलाकों में कैम्प का आयोजन किया गया है। लेकिन श्रमिक कार्ड बनवाने के लिए दिन भर काम करने वाले मजदूर आधी रात तक घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। श्रमिक कार्ड बनाने वालों की संख्या के कारण सर्वर पर लोड ज्यादा है, जिससे कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 
देश भर में कॉमन सर्विस सेंटर की ओर से रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक  शिविर का आयोजन किया गया है। सूरत शहर के पांडेसरा इलाके में  रात्रि शिविर का भी आयोजन किया गया। दिनभर काम करके लौटे श्रमिक कार्ड के लिए लंबी कतारों खड़े थे। श्रमिक कार्ड निकालने आए श्रमिक सुरेश ने बताया कि मैं मजदूरी काम करता हूं और दिन भर थक कर घर आता हूं। आज हमारे क्षेत्र में श्रमिक कार्ड शिविर का आयोजन किया गया। लेकिन रात में कैम्प होने से हमें काफी परेशानी हो रही है। रात 12 बजे कार्ड बनवाने के लिए मजदूरों को लाइन में लगना पड़ रहा है। चार घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद नंबर आता है। ाम कार्ड बनाने वाले ऑपरेटर ने बताया कि सर्वर दिन में काम नहीं करता है इसलिए यह कार्ड रात में जेनरेट करना पड़ता है। 
ई-श्रम पोर्टल लगभग 380 करोड़ असंगठित क्षेत्र के श्रमिक
ई-श्रम पोर्टल लगभग 380 करोड़ असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) और ई-श्रमिक कार्ड दिया जाएगा, जो पूरे देश में मान्य होगा। ई-श्रम कार्ड देश के लाखों असंगठित कामगारों को एक नई पहचान देगा। प्रवासी श्रमिकों को ट्रैक करने में मदद करेगा। श्रम डेटा और जानकारी एकत्र की जाएगी। सरकार की ओर से देश के सभी कामगारों को पहचान पत्र और आधार कार्ड की तर्ज पर उनके काम के आधार पर श्रेणियों में बांटा जाएगा। इसके माध्यम से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। 2 लाख रुपये की नि:शुल्क आकस्मिक बीमा सुविधा जिसमें एक वर्ष का प्रीमियम सरकार द्वारा भुगतान किया जाएगा। यदि कोई पंजीकृत कर्मचारी किसी दुर्घटना का शिकार होता है तो उसकी मृत्यु या पूर्ण रूप से अपंग होने की स्थिति में वह 2 लाख रुपये का हकदार होगा। वहीं, बीमा योजना के तहत आंशिक रूप से विकलांगों को एक लाख रुपये दिए जाएंगे। साथ ही रोजगार में मदद मिलेगा।
पोर्टल पर अब तक 2 करोड़ से अधिक श्रमिकों ने पंजीकरण कराया
इस पोर्टल पर अब तक 2 करोड़ से अधिक श्रमिकों ने पंजीकरण कराया है। वर्तमान में सार्वजनिक सेवा केंद्रों पर ई-श्रमिक कार्ड बनवाने के लिए लोगों की भारी भीड़ है। कार्ड बनाने वालों की संख्या ज्यादा होने से सर्वर पर लोड ज्यादा होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आधार नंबर और कैप्चा कोड डालने के बाद भी कई लोगों को वर्तमान में भारी ट्रैफिक का अनुभव हो रहा है, कृपया कुछ समय बाद प्रयास करें संदेश आ रहा है। जिससे डिजिटल इंडिया विफल साबित हो रहा है।

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