सूरत : विधानसभा चुनाव से पहले शहर के कोट इलाके में बीजेपी विरोधी माहौल

भाजपा नगरपालिका सेवक की तस्वीर वाले बैनर में लिखा आपको वोट देकर गलती की है

वार्ड नंबर 13 वाडी फलिया क्षेत्र में नवरात्रित में भी सड़कों का काम पूरा नहीं हुआ है, कई बार गुहार लगाने के बाद भी लोगों ने धरना दिया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला

गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के गढ़ रहे कोट इलाके ( पुराना शहर) में बीजेपी विरोधी बैनरों से सियासत गरमा गई है। शहर के वार्ड नंबर 13 में बीती रात नवरात्रि के दौरान सड़क और पूरन को लेकर वाडी फलिया व आसपास के इलाकों में भाजपा विरोधी बैनर दिखे। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के एक भाजपा नगरपालिका सेवक की फोटो के साथ विरोध किया है कि उन्होंने आपको वोट देकर गलती की है। हालांकि चुनाव में झटका लगने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि कोट इलाके में चल रहे गठबंधन पर फिलहाल बीजेपी के नेताओं की नजर है।

वाडी फलिया समेत कोट क्षेत्र के कुछ स्थानों पर भाजपा पार्षदों के विरोध में बैनर लगे 


बीती रात सूरत में नवरात्रि के दौरान वाडी फलिया समेत कोट क्षेत्र के कुछ स्थानों पर भाजपा पार्षदों के विरोध में बैनर लगे नजर आए। चूंकि हमारी शिकायतों का कई बार समाधान नहीं किया गया, इसलिए लोग इस क्षेत्र में बैनर लेकर खड़े थे, जिसमें लिखा था कि वोट मांगने मत आना। सोशल मीडिया पर ये फोटो वायरल होते ही बीजेपी नेताओं की नींद उड़ गई। हालांकि नेता अब भी क्षेत्र के असंतोष को हल्के में ले रहे हैं। इस प्रकार का विरोध स्थानीय लोगों द्वारा छोटी-छोटी बातों में किया जा रहा है। सड़क निर्माण की समस्या को लेकर उन्होंने कहा कि सड़क ही नहीं, सड़कों की सफाई समेत विभिन्न मुद्दों पर स्थानीय लोग शासकों की नाक दबाने की कोशिश कर रहे हैं और हम परोक्ष रूप से आरोप लगा रहे हैं कि इसके पीछे भाजपा के कुछ लोगों का हाथ है।

पदाधिकारियों में गुटबाजी के कारण लोगों में काफी आक्रोश 


हालांकि इससे पहले भी सूरत के कोट इलाके में यह कहते हुए बैनर लगाए जा चुके हैं कि उन्होंने गलती से एक बीजेपी पार्षद को वोट दिया है, लेकिन इस तरह के बैनर के आने वाले चुनाव में बीजेपी के गणित को पलटने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। कोट क्षेत्र में सड़क का मुद्दा लंबे समय से उठा है लेकिन नगर पालिका के पदाधिकारियों में गुटबाजी के कारण लोगों में काफी आक्रोश है और स्थानीय पार्षद इस आक्रोश का शिकार हो रहे हैं।

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