सूरत : श्रीजी जेम्स के 300 रत्नकलाकार 20 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग को लेकर काम से दूर रहे

अपनी मांगों को लेकर रत्नकलाकार लगातार दूसरे दो दिनों से हड़ताल पर हैं।

5 साल से वेतन नहीं बढ़ाए जाने से रत्नकलाकार गांधी की राह पर आंदोलन कर रहे हैं

कोरोना संक्रमण की विदाई के साथ हीरा उद्योग में तेजी देखने को मिल रही है। पिछले एक महीने से विभिन्न हीरा कंपनियों के रत्नकलाकार  वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं। कापोद्रा क्षेत्र में रवानी जेम्स के नाम से मशहूर श्रीजी जेम्स के 300 से अधिक रत्नकलाकार वेतन वृद्धि की मांग को लेकर काम से अलग हो गए हैं। गत पांच वर्षों से वेतन वृद्धि नहीं होने से गांधी के मार्ग से सतत दूसरे दिन हड़ताल पर उतरे रत्नकलाकार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। रत्नकलाकार ने कहा कि जब तक वेतन नहीं बढ़ेगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
शहर के वराछा, कापोद्रा, कतारगाम जैसे क्षेत्रों में ज्यादातर हीरा कंपनियों में लाखों रत्नकलाकार काम कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण से सूरत शहर की सभी फैक्ट्रियां बंद हो गईं थी। लेकिन अब  धीरे-धीरे फैक्ट्रियां शुरू कर दी हैं। तालाबंदी के दौरान रत्नकलाकार को भुगतान भी नहीं मिला। रत्नकलाकारों ने कहा कि कई सालों से  डायमंड कंपनी के प्रबंधन ने किसी भी तरह से डायमंड कटिंग और पॉलिशिंग के दाम नहीं बढ़ाए हैं।
कोरोना संक्रमण के लॉकडाउन के बाद दुनिया भर में मंदी का असर पड़ा है। लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार धीरे-धीरे खुल रहे हैं। जबकि हीरा उद्योग में विश्वव्यापी उछाल देखा जा रहा है, सूरत स्थित हीरा कंपनी के प्रबंधकों का मुनाफा बढ़ रहा है। बताते हैं कि सूरत में तेजी के बावजूद रत्नकलाकार को  इसका लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे रत्नकलाकार विरोध कर रहे हैं।  
श्रीजी जेम्स में काम करने वाले राकेश मकवाना ने कहा कि फैक्ट्री प्रबंधन ने पांच साल से वेतन नहीं बढ़ाया है। इसलिए हम 20 फीसदी वेतन वृद्धि की मांग करते हैं। हमें मोटे हीरे के लिए काम पर रखा जा रहा है, लेकिन हमें उसके अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा है इसलिए हमने परिवार की आजीविका पर सवाल उठा है। यदि कंपनी उचित समाधान नहीं करती है तो हड़ताल जारी रहेगी।

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