सूरत : कपड़ा उद्योग का 200 करोड़ का पेमेंट फंसा, उद्यमी परेशान

हीरा उद्योग में पलायन की वारदातों में आयी गिरावट, रिटेल मार्केट खुलने के बावजूद नहीं मिल रहे है पर्याप्त ऑर्डर

देश में कोरोना संक्रमण घटने के बावजूद वीवर्स का करीबन 200 करोड़ से ज्यादा पेमेंट फंसा है। 70 फिसदी प्रोडक्शन क्षमता पर पहुंचे कपड़ा उद्योग में अभी भी कई मिल और 20 फिसदी वीविंग इकाईयां पूरी क्षमता के साथ शुरू नहीं हो पाए है। बाहर का रिटेल मार्केट खुल तो गया, लेकिन अभी भी पर्याप्त आर्डर नहीं मिल रहे है।
फोगवा अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने बताया कि कपड़ा व्यापार की स्थिति में सुधार हो रहा है। पुराना पेमेंट रिलीज हो रहा है, लेकिन सामान्य तौरपर 45 दिन के जगह 2 माह जैसे पेमेंट साइकल लेट चल रही है। करीबन 200 करोड़ से ज्यादा का पेमेंट अभी भी बाकी है। स्थिति में सुधार आने में समय लगेगा।
दूसरी ओर डायमंड इंडस्ट्री की बात करें तो इंटरनेशल के साथ-साथ नेशनल मार्केट में भी अच्छा व्यापार दर्ज हुआ है। पिछले सप्ताह दौरान शहर में पहली बार डायमंड ऑक्शन भी आयोजित हो चुका है। लेबग्रोन डायमंड के एक्सपोर्ट में 300 फिसदी और पॉलिश्ड डायमंड एक्सपोर्ट में 26 फिसदी से ज्यादा ग्रोथ दर्ज हो चुका है। सूरत डायमंड एसोसिएशन से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2018 में 235 करोड़ का पलायन दर्ज हुआ था। वर्ष 2019 में 38 करोड़, 2020 में 27 लाख और कोरोना की स्थिति के बीच डायमंड उद्योग में चालू वर्ष केवल 1.56 करोड़ का पलायन दर्ज हुआ है। वहीं कपड़ा सेक्टर की बात करें तो अभी भी 200 करोड़ से ज्यादा का पेमेंट रिलीज नहीं हो पाया है।

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