सूरत : जीएसटी बिना के प्रोसेस कपड़ा पर 18 प्रतिशत वसूले जाएगे

1 जनवरी 2022 से जीएसटी के नए दर से छोटो व्यापारियों की स्थिति दयनीय

अगले 1 जनवरी 2022 के बाद मिल संचालकों की मुश्किले बढ़ सकती है। क्योंकि प्रोसेसिंग के लिए भेजे जाने वाले कपड़े में बिल बनाने से पहले जीएसटी नंबर लेना पड़ेगा। अगर जिनके पास जीएसटी नंबर नहीं होगा उनके पास से 12 के बजाय 18 प्रतिशत जीएसटी वसूली जाएगी। अगर इसके मुताबिक जीएसटी वसूली नहीं गई हो तो विभाग द्वारा कार्यवाही किए जाने की संभावना बढ़ गई है।
कपड़ा उद्योग के लिए 1 जनवरी 2022 से नए जीएसटी के दर लागू होगे। इसमें भी कपड़ा प्रोसेस करने पर 12 प्रतिशत जीएसटी वसूलने की घोषणा की गई। लेकिन इसके कारण परेशानी बढ़ गई है। क्योंकि जिन व्यापारियों के पास जीएसटी नंबर नहीं है उनके द्वारा कपड़ा प्रोसेस करने के लिए भेजा जाये तो उनसे 12 के बजाय 18 प्रतिशत जीएसटी वसूले जाने की घोषणा की गई है। 40 लाख से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों द्वारा कपड़ा मिल में कपड़ा प्रोसेस करने के लिए भेजा गया हो तो उनके से मिल संचालकों को 18 प्रतिशत जीएसटी वसूल करके जमा करनी होगी। अगर मिल संचालकों द्वारा इस तरह कार्यवाही नहीं की गई तो उनके खिलाफ कार्यवाही होने की संभावना है। क्योंकि कपड़ा प्रोसेसिंग पर 12 प्रतिशत ही जीएसटी वसूलने की घोषणा की गई है।
लेकिन इसमें जिन व्यापारियों के पास जीएसटी नंबर नहीं है उनके पास से 18 प्रतिशत वसूली करने का भी उल्लेख किए जाने से पैचिंदा स्थिति पैदा हुई है। इससे छोटे व्यापारियों की हालत बिगड़ जाएगी, क्योंकि छोटे व्यापारियों के पास जीएसटी नंबर नहीं होता है और उनके द्वारा मिल में कपड़ा प्रोसेस करने के लिए भेजा जाएगा तो 12 के बजाय 18 प्रतिशत टेक्स वसूला जाएगा। 
टेक्स कन्सल्टन्ट पावन शाह ने बताया कि कपड़ा दर में किए गए बदलाव को लेकर जारी नोटिफिकेशन में जिन व्यापारियों के पास जीएसटी नंबर नहीं है और व्यापारी कपड़ा प्रोसेस करने के लिए भेजता है तो मिल संचालकों को उनके पास से 18 प्रतिशत जीएसटी वसूल करने की घोषण की है। जिसके कारण मिल संचालक कम टेक्स वसूल करेंगे तो विभाग द्वारा उनके पास से नियमों के मुताबिक 6 प्रतिशत टेक्स वसूला जाएगा। साथ ही साथ 6 प्रतिशत के मुताबिक जो रकम कम होगी तो इसका ब्याज भी वसूला जाएगा।

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