किशोरों के टीकाकरण के लिए स्कूल पहचान पत्र स्वीकार्य होगा

प्रतिकात्मक तस्वीर

क्रिसमस की संध्या पर प्रधानमंत्री द्वारा देश में 15 से 18 साल के सभी बच्चों के लिए टीकाकरण शुरू करने की घोषणा की गई थी। इसके बाद अब भारत के कोरोना वैक्सीन डिलिवरी टेक प्लेटफॉर्म कोविन ने ऐलान किया है की 15 से 18 साल के बच्चों के टीकाकरण के लिए वह स्कूल के आइकार्ड को स्वीकार करेंगे। प्रमुख एक्सिक्यूटिव आरएस शर्मा ने बताया कि वह सिस्टम में जरूरी बदलाव करेंगे। 
मनीकंट्रोल वैबसाइट के हवाले से मिली खबर के अनुसार, "कोई भी छात्र जो 2007 में या उससे पहले पैदा हुआ है, वह टीके प्राप्त कर सकेगा। 15-18 आयु वर्ग के बच्चों के पास मतदाता पहचान पत्र नहीं है और उनमें से कई के पास आधार भी नहीं हो सकता है, इसलिए अब हम स्कूल प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड की अनुमति दे रहे हैं। वहां वर्तमान में CoWIN पर पंजीकरण के लिए 9 योग्य दस्तावेज हैं, हम इसमें स्कूल आईडी कार्ड जोड़ेंगे।" शर्मा ने एक साक्षात्कार में कहा।
बता दे कि आरएस शर्मा राष्ट्रीय प्राधिकरण के सीईओ और CoWIN के लिए अधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष हैं। वह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के पूर्व प्रमुख भी हैं, जो राष्ट्रीय पहचान परियोजना, आधार को शुरू करने के लिए काम करने वाली अर्ध-सरकारी संस्था है। पहचान दस्तावेज के रूप में स्कूल आईडी कार्ड जोड़ने के लिए CoWIN का कदम प्रधान मंत्री मोदी द्वारा ओमाइक्रोन संस्करण के डर के बीच भारत की टीकाकरण योजना में महत्वपूर्ण परिवर्धन का अनावरण करने के कुछ दिनों बाद आया है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा था कि स्वा हेल्थ वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक 10 जनवरी, 2022 से वैक्सीन की तीसरी एहतियाती खुराक प्राप्त करने के पात्र होंगे। 

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