सूरत : बिना मास्क जुर्माने का नियम, लेकिन बिना वैक्सीन का नहीं, फिर भी एक व्यापारी की पावती फट गई!

सूरत के एक अखबार में वैक्सीन न लगाये जाने पर एक व्यापारी को दंडित किये जाने की रसीद की कॉपी प्रकाशित हुई।

पालिका उपायुक्त ने स्पष्ट कहा, बिना वैक्सीन जुर्माना वसूलने के कोई आदेश नहीं दिये गये हैं

सोमवार से सूरत के कपड़ा बाजार और हीरा बाजार में आने वाले 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को आरटी पीसीआर टेस्ट या कोरोना वैक्सीन लिये जाने का प्रमाण पत्र साथ रखना अनिवार्य कर दिया गया है।  उधर महापालिका प्रशासन ने कपड़ा मार्केट क्षेत्रों में वैक्सीन देने का कार्य भी जोरों पर शुरु किया लेकिन रविवार को आवश्यक मात्रा में वैक्सीन उपजब्ध न होने के कारण कई लोग वैक्सीन नहीं लगा पाए।
उधर एक आश्चर्यजनक घटनाक्रम में एक व्यापारी से प्रशासनिक अधिकारियों ने वैक्सीन न लगाये जाने पर ₹1000 का जुर्माना ठोक देने की खबर है। स्थानीय गुजराती समाचार पत्र में इस बाबत जुर्माने की रसीद की पावती की फोटो प्रकाशित हुई, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस घटनाक्रम के बाद व्यापारियों में काफी रोष है। व्यापारियों का कहना है कि वैक्सिन लेना यदि अनिवार्य नहीं है तो दंड क्यों लिया जा रहा है। मनपा के पास पूरी क्षमता भी नहीं है कि सभी व्यापारियों को वैक्सिन दी जा सके। 
इस बाबत की पुष्टि टैक्सटाइल युवा ब्रिगेड के अध्यक्ष ललित शर्मा ने भी की है। उन्होंने मीडिया को बताया कि उनके संगठन से ही एक व्यापारी को जुर्माना किया गया है। इस बारे में हमने अधिकारियों के समक्ष पेशकश भी की है। 
जब इस मामले ने जोर पकड़ा तो लोकतेज प्रतिनिधि ने सूरत महापालिका उपायुक्त डॉ आशीष नायक ने स्पष्ट किया है कि मास्क ना पहने पर हजार रुपए का दंड हो सकता है, लेकिन वैक्सीन नहीं लगाने पर दंड की अभी तक कोई सूचना नहीं दी गई है l

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