आरटीओ : 15 साल पुरानी गाड़ियों के देरी से पंजीकरण पर फिलहाल को दंड नहीं

राज्य के परिवहन विभाग ने 15 साल पुराने वाहनों के देर से पंजीकरण करने वालों  चालकों से वसूले जाने वाले मासिक संग्रह को फिलहाल स्थगित करने के लिए एक परिपत्र जारी किया है। पुन: पंजीकरण शुल्क के साथ जुर्माना लगाना है या नहीं, इस पर स्पष्ट दिशा-निर्देश देने के बजाय, ‘नरो मरो वा कुंजारो’ जैसा एक परिपत्र जारी कर राज्य के सभी आरटीओ अधिकारियों को भेजा है। हालांकि, प्रधान कार्यालय द्वारा जारी सर्कुलर के मद्देनजर राज्य के कुछ आरटीओ अधिकारियों ने 300 रुपये और 500 रुपये प्रति माह के जुर्माने को टालने का फैसला किया है।  
आपको बता दें कि सूरत आरटीओ भी पंद्रह साल पुराने गाड़ियों के पंजीकरण में दंड वसूलने का काम दरकिनार करने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार द्वारा जाहिर स्क्रेप पुलिस के अनुसार निर्धारित समय बीत जाने के बाद पंजीकरण के लिए आये पंद्रह साल पुराने वाहनों के लिए 300 रुपये और 500 रुपये प्रति माह के जुर्माने का प्रावधान था।
अब नए कानून के मुताबिक सूरत, अहमदाबाद और मेहसाणा समेत गुजरात के कुछ आरटीओ ने जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है, लेकिन कुछ याचिकाकर्ताओं ने गांधीनगर में याचिका दायर की है। कानून हाल ही में अधिनियमित किया गया था, उच्च न्यायालय के पुराने परिपत्र को उच्च अधिकारियों द्वारा यह जांचने के लिए अनुमोदित नहीं किया गया है कि यह मौजूदा कानून के अनुरूप है या नहीं।  वर्तमान में, इसने एक परिपत्र जारी कर राज्य के सभी आरटीओ से विवाद से बचने के लिए जुर्माना न लेने का आग्रह किया है। ऐसे में  जुर्माना न लेने वाले इस परिपत्र से वाहन चालकों को फायदा हुआ है।

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