लोग कहते हैं गुजरात को ड्राय स्टेट; पर आंकडों पर जरा गौर करना

ड्राय स्टेट कहे जाने वाले गुजरात में पकड़ी जाती हैं करोड़ो की शराब

वैसे तो गुजरात को ड्राय स्टेट कहा जाता हैं। पर हकीकत में इस प्रश्न का उत्तर जानना काफी कठिन मालूम पड़ता हैं कि क्या सच में गुजरात में दारूबंदी हैं या नहीं। यदि पिछले दो साल के आंकड़ो पर ध्यान दे तो मालूम चलता हैं कि पिछले दो साल में पुलिस ने पूरे राज्य में से 215 करोड़ रुपए की शराब जप्त की थी। 
राज्य के गृह विभाग ने विधानसभा में दी हुये जानकारी के मुताबिक राज्य में पिछले दो साल में 215 करोड़ रुपए की शराब पकड़ी गई हैं। यही नहीं 68.66 करोड़ रुपए के नशीले दृव्य भी पकड़े गए हैं। गांधी के इस गुजरात में इतनी बड़ी मात्रा में शराब का पकड़े जाना इस सवाल को खड़ा करता हैं की यदि इतनी शराब पकड़ी गईं हैं तो लोग शराब पीते कितनी मात्रा में होंगे। यहीं नहीं एक और चौंकाने वाली बात सामने आई हैं की कोरोना संक्रमण के 67 दिनों के अंदर तो पूरे राज्य में पिछले साल पकड़ी गई दारू से भी ज्यादा दारू पकड़ा गया हैं। 
देशी और विदेशी दारू के अलावा करोड़ों की बियर भी हुई हैं जप्त
सरकारी आंकड़ो के अनुसार पिछले दो साल में पूरे राज्य में 198 करोड़ 30 लाख से भी अधिक के मूल्य की 15 करोड़ से भी ज्यादा विदेशी दारू की बोतल पुलिस ने पकड़ी थी। वही 3 करोड़ 65 लाख से अधिक के मूल्य की 34 लाख से भी ज्यादा देशी दारू की बोतल पुलिस के हत्थे चढ़ी थी। इसके अलावा 13 करोड़ 18 लाख की बियर की बोतल भी जप्त की गई थी। इस तरह कुल 215 करोड़ से ज्यादा की शराब राज्य में से जप्त की गई हैं। 
पंजाब की ही तरह गुजरात में भी अलग अलग नशीले पदार्थों का व्यसन भी काफी तेजी से फ़ेल रहा हैं। विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ो के अनुसार नार्कोटिक विभाग द्वारा पिछले दो साल में 68 करोड़ 60 लाख से ज्यादा के नशीले पदार्थों को जप्त किया गया हैं। जिसमें अफीन, गाँजा, चरस, हेरोइन और एमडी भी शामील हैं। शराब और नशीले पदार्थो के अलग अलग केस में अभी पुलिस द्वारा 4545 आरोपियों को हिरासत में लेना बाकी हैं। सबसे ज्यादा शराब अहमदाबाद और राजकोट में से पकड़ी गई हैं। 

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