सूरत शहर के सभी जोनों में अब सिंगल डिजिट में कोरोना के नए मामले

सूरत में कोरोना मरीजों के रिपोर्ट की जांच करते स्वास्थ कर्मी

सूरत शहर में अब कोरोना पुरी तरह से काबू में आ चुंका है, सभी जोनों में कोरोना के नए मरीजों की संख्या सिंगल डिजिट में है, शनिवार को नए ४४ मरीजों के सामने १५५ डिस्चार्ज हुए।

अब तक कुल संक्रमित 142969, स्वस्थ हुए 139573 और एक्टीव मरीज की संख्या 1289
सूरत शहर और ग्रामीण क्षेत्र में अब कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के आंकडों में डिस्चार्ज मरीजों की संख्या में अच्छी वृध्दि हुई।  शहर-जिले में शनिवार को नए 44 कोरोना संक्रमित मरीजों का रिपोर्ट पॉजिटिव आया और 155 मरीज डिस्चार्ज हुए। अभी तक शहर तथा ग्रामीण क्षेत्र से कुल 1,42,969 मरीज कोरोना संक्रमित हुए। शनिवार को शहरी क्षेत्र  में 01 और ग्रामीण क्षेत्र से 01 सहित 02 कोरोना मरीज की मौत हुई। अब तक शहर जिले में कुल 2107 की मौत हुई और 1,39,573 मरीज अस्पताल से स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। शहर जिले में 1289 कोरोना मरीज अस्पताल तथा होम कोरोन्टीन फेसीलीटी में चिकित्सा ले रहे है। 
शनिवार को सूरत शहर में नए 30 मरीजों के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 1,11,009 हुई। शनिवार को शहर में एक कोरोना मरीज की चिकित्सा के दौरान मौत हुई। अभी तक शहर में कोरोना से 1626 मरीजों की मौत हो चुकी है। शनिवार को कोरोना संक्रमित नए 86 मरीज कोरोना को मात देकर स्वस्थ हुए। अब तक शहर में से 108320 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 
शनिवार को नए 30 कोरोना संक्रमित मरीजों में से शहर में सबसे अधिक मरीज  रांदेर जोन से 08, अठवा जोन से 02, कतारगाम जोन से 06, वराछा-बी जोन से 03,  लिंबायत जोन से 03,उधना जोन से 02, वराछा-ए जोन से 02, सेन्ट्रल जोन से 04 और नए मरीजों का समावेश है। 
जोन वाईज अब तक कुल संक्रमित मरीजों के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि सबसे अधिक मरीज अठवा जोन में 22803 कोरोना संक्रमित मरीज है, रांदेर जोन में 20755 कतारगाम जोन में 15389, लिंबायत जोन में 10676, वराछा-ए जोन में 10833, सेन्ट्रल जोन में 10352, वराछा बी जोन में 10139 और सबसे कम उधना जोन में 10062 कोरोना संक्रमित मरीज है। इसी के साथ अब तक शहर में 1626 लोगों की और ग्रामीण क्षेत्र से 481 लोगों की मौत हुई है। शहर जिले में सरकारी निजी अस्पताल तथा होम कोरोन्टीन में 1289 लोग कोरोना की चिकित्सा ले रहे है। कोरोना संक्रमण में कमी के साथ सिविल और स्मिमेर अस्पताल में उपचार प्राप्त करने वाले रोगियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आयी है। 

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