जर्मनी के इस छोटे से गाँव में भी मनाया जा रहा है नीरज की जीत का जश्न, जानें क्या है कारण

(Photo Credit : twitter.com)

जर्मनी के रहने वाले है नीरज के कोच डॉ क्लौस, बन चुके है लोकल सेलिब्रिटी

टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था। नीरज की इस उपलब्धि का जश्न पूरे देश ने मनाया था। हालांकि आप को जान कर हैरानी होगी भारत में करोड़ो लोगों के अलावा जर्मनी के एक छोटे से गाँव में भी नीरज की जीत का आनंद मनाया गया। 
जर्मनी के इस छोटे से गाँव में नीरज की जीत का जश्न मनाने का कारण यह है कि नीरज की सफलता में उनके कोच सह डॉक्टर क्लॉस बोर्तिंट्ज की बड़ी भूमिका रही है। क्लॉस इसी गांव के हैं और जब वे लौटे तो उन्हें भी यह देखकर आश्चर्य हुआ कि उनके गांव में सभी नीरज की सफलता से काफी खुश हैं। गांव के लोगों के लिए तो क्लॉस एक सेलिब्रिटी बन गए हैं। लाइव इवेंट के दौरान गांव के लोगों ने टीवी पर नीरज का कार्यक्रम देखा। 

एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में डॉ. क्लॉस ने कहा, ''कुछ लोगों ने मुझे फोन कर बधाई दी। मेरे गांव के लोग खेलों में ज्यादा रुचि नहीं रखते। फिर भी वे नीरज के प्रदर्शन से काफी ज्यादा प्रभावित हुए। वे यह जानने के लिए उत्सुक थे कि फिल्मी सितारे की तरह दिखने वाले इस खिलाड़ी ने कैसे इतिहास रच दिया।
नीरज के स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारत में जिस हद तक जश्न मनाया गया, यह देखकर नीरज के पूर्व कोच उर्व होने भी हैरान हो गए। उन्होने कहा "मुझे लगता है कि नीरज की सफलता का असर दूसरे खिलाड़ियों पर भी पड़ेगा। होन ने बताया कि जब वह यहाँ आए तो उन्हें पता चला की नीरज के पास कोच नहीं है। इसलिए उन्होंमे उनसे क्लोज की सिफारिश की। क्लोज ने नीरज की तकनीक में काफी सुधार किया है। जिसका परिणाम सभी को टोक्यो ओलंपिक में देखने मिला। 

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