सेवा के नाम पर मृतक के शोकाकुल स्वजनों की भावनाओं से यूं हो रहा खिलवाड़

प्रतिकात्मक तस्वीर

सेवाभावी संस्था के नाम पर सुबह 5 बजे ही आ जाता है फोन, लोगों ने की पुलिस से जांच करने की मांग

पिछले डेढ़ साल से देश भर को कोरोना ने अपने विषचक्र में फंसा लिया है। हजारो लोगों ने अपने स्वजनों को खो दिया है और अभी भी यह सिलसिला चालू ही है। ऐसे में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मृतक के शोकाकुल स्वजनों की भावना के साथ मज़ाक करते हुये उन्हें परेशान कर रहे है। 
फिलहाल कोरोना या किसी अन्य कारण से मृत्यु की प्राप्त होने के कारण मृतक के परिजन मृत्यु के बड़ा श्रद्धांजलि देने के लिए घर पर बुलाने के बजाय फोन पर उनकी श्रद्धांजली स्वीकार कर रहे है। ऐसे में वह अपना नंबर पेपर में देते है। हालांकि कई लोगों द्वारा इस तरह से मृतक के परिवार को फोन कर के उनसे मृतक के नाम पर सेवा के लिए 500 या 1000 इच्छानुसार दान देने के लिए फोन किया जा रहा है। उसमें भी खास बात तो यह है की सभी कॉल सुबह 5 बजे से 6 बजे के बीच में ही आ रहे है। 
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credit : Pixabay.com)
इस बारे में बताते हुए राहुल शर्मा नाम के एक व्यक्ति का कहना है की कुछ दिन पहले उनके दादा का निधन हो गया था। कोरोना की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुये उन्होंने दादाजी के प्रति अन्य लोगों की श्रद्धांजलि टेलीफोन से लेने के लिए पेपर में सूचना दी थी। दूसरे ही दिन सुबह 5 से 6 के बीच में उन्हें पाँच से 6 संस्थाओं के फोन आ गए थे। सभी संस्था का कहना था की वह सिविल में सेवा के कार्य करते है। जिसके लिए यदि आप चाहे तो मृतक के नाम पर 500 या 1000 जो भी आपकी इच्छा हो वह कर सकते है। 
अन्य एक यतिनभाई पटेल का कहना है की चार दिन पहले उनकी चाची की मृत्यु हो गई थी। जिसके लिए उन्होंने भी पेपर में इश्तिहार दिया था। जिसके दूसरे दिन ही उन्हे फोन आया की आपके स्वजन के नाम पर आप कुछ दान करना चाहते है? इसके अलावा अन्य एक व्यक्ति का फोन आया की यदि कोई भी एलआईसी का काम हो तो उसे जरूर बताए। इस तरह कोरोना काल में कुछ लोग सेवाकीय संस्था के नाम पर लोगों को फोन कर उनसे उगाही करने का प्रयास कर रहे है। 
हालांकि जिन संस्थाओं की तरफ से यह फोन हो रहा है, वह संस्था सच में अस्तित्व में भी है या नहीं वह भी एक सवाल है। ऐसे में इस तरह से लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले इस तरह के असामाजिक तत्वों के खिलाफ जांच करने की पुलिस से मांग की है। 

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