जोधपुर : शादी के ११ साल बाद भी नहीं बन सकी माँ तो दुसरे के ‘लाल’ को ही कर लिया अगवा

प्रतिकात्मक तस्वीर

मामले में पुलिस ने दो युवक व एक युवती को गिरफ्तार कर लिया

किसी भी शादीशुदा महिला के लिए माँ बनना नए जन्म जैसा होता हैं। हर महिला मातृत्व का सुख चाहती है पर कुछ स्त्रियाँ इतनी भाग्यशाली नहीं होती। ऐसे ही एक मामले में जोधपुर में एक महिला ने माँ न बन पाने के दुःख में एक बच्चे को अगवा कर लिया। हालांकि इस मामले में पुलिस ने दो युवक व एक युवती को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी महिला से पूछताछ की तो पता चला कि महिला को 11 साल से बच्चे नहीं हो रहे थे। वह अपने पति से अलग रहती है। पांच दिन से वह बंटी और आकाश को थोड़े-थोड़े रुपये दे रही थी और बच्चे की तलाश में लगा दिया था।
जानकारी के अनुसार शादी के 11 साल बाद भी जब बच्चा नहीं हुआ तो उसने दो युवक की मदद से शहर में बच्चे की रैकी की और सोमवार देर रात उसे उठा लिया। इधर, बच्चे के माता-पिता ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाल कर बच्चे को ढूंढकर उसके माता-पिता का सौंपा वहीं दोनों युवकों और युवती को गिरफ्तार किया। उदयमंदिर थानाधिकारी अमित सियाग ने बताया कि गिरिराज पुत्र राजकुमार बागरी ने तडके सुबह थाने में सूचना दी कि उनका चार साल का बेटा रात गायब हो गया है। एएसआई सुरेश ने मौका मुआयना कर बच्चे की तलाश शुरू की तो पता चला कि बच्चे को रात करीब 12:03 बजे दो बाइक सवार बदमाश अगवा कर ले गए हैं। अपहरण का पता चलते ही पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस और अधिकारियों ने मिलकर आरोपियों की तलाश में 1000 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की और आरोपी बंटी (29) पुत्र बुधाराम मेघवाल निवासी मेघवाल बस्ती, आकाश उर्फ गूंगा (18) पुत्र संतोष निवासी भील बस्ती और महिला रेखा (25) पत्नी ताराचंद उर्फ गुड्‌डू मेघवाल निवासी कागा कागड़ी को गिरफ्तार कर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
फुटेज से पता चला कि आरोपी बंटी और आकाश रात करीब 10:30 बजे बाइक पर सवार होकर बाहर से आए किसी मजदूर के बच्चे की तलाश में निकले थे। ताकि बच्चे के अपहरण पर भी किसी तरह की शिकायत न कर सकें। ऐसे बच्चे की तलाश में आरोपी पावटा, बस स्टैंड, राई का बाग स्टेशन, कलेक्ट्रेट, अंसल प्लाजा, नई सड़क, दूध मंदिर, रेलवे स्टेशन और ओलंपिक रोड के आसपास घूमते रहे, इस दौरान करीब 20 बार बाइक से आते जाते दिखे। रात करीब 12:03 बजे आकाश ने बच्चे का मुंह दबोचा और भागकर, बाइक चला रहे बंटी के साथ बैठ गया। इसके बाद वे महिला के पास पहुंचे और बच्चा सौंप दिया।

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