इस गाँव में वैक्सीन का नाम सुनते ही लोग हो जाते हैं गायब, घरों में मार देते हैं ताला

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)

आरोग्य विभाग की टीम को देखते ही घरों में ताला मारकर गायब हो जाते है लोग, विधायक और सांसद खुद घर-घर जाकर समजा रहे है लोगों को

गुजरात में कोरोना वायरस का कहर हर दिन बढ़ते जा रहा है। संक्रमण को बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे है। सरकार द्वारा जल्द से जल्द सभी को टीका लगे इसके लिए टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है। ऐसे में पहली मई से 18 साल से अधिक उम के लोगों को टीका लगाने की शुरुआत कर दी गई है। जिसके चलते सरकार द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिये लोगों को जल्द से जल्द टीकाकरण करने के निर्देश दिये गए है। 
हालांकि टीके को लेकर अभी भी लोगों में काफी अफवायेँ फैली हुई है। जिसके चलते आज भी गाँव के कई लोग टीका लेने नहीं जा रहे है। गांवो में आज भी कई लोग टीकाकरण को लेकर अफवाओं का शिकार बने हुए है। गाँव वालों की इस लापरवाही के कारण संपूर्ण टीकाकरण अभियान में काफी दिक्कतें आ रही है। गुजरात के राजपिपला शहर के कुछ शहरों में आज भी कई आदिवासी प्रजा अशिक्षित होने के नाते वैक्सीन को लेकर कई तरह की भ्रांतियाँ बना कर बैठी है। लोगों में भ्रम है की यदि वह वैक्सीन लेंगे तो वह मर जाएँगे। पिछले कई दिनों से गुजरात के भरूच में भी मौत का प्रमाण काफी बढ़ गया है। पर फिर भीं लोग टीका नहीं ले रहे है। 
स्थानीय विधायकों और सांसद भी आदिवासी इलाकों की मुलाक़ात लेकर वहाँ वह लोगों को टीका लेने की अपील कर रहे है। इस बारे में बात करते हुये भाजपा के सांसद मनसूख़ वसावा ने बताया की वह गाँव के लोगों को कोरोना वैक्सीन के बारे में समजाते है। नर्मदा के सागबारा और डेडियापाड़ा इलाके में वह खुद जाकर लोगों को टीका लगाने के लिए प्रोत्साहित करते है। जब आरोग्य विभाग की टिम उन्हें वैक्सीन देने आते है तो लोग घरों में ताला मारकर गायब हो जाते है। उल्लेखनीय है कि आदिवासी इलाकों में लोगों में शिक्षा और लोकजागृति कि काफी कमी है। जिसके चलते आदिवासी इलाकों में लोग वैक्सीन लेने से काफी डर रहे है। 

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