हर्षद मेहता वेब सीरीज ने युवाओं को शेयर बाजार की ओर मोड़ा

(Photo Credit : instagram.com)

कोरोना की आपत्ति में आपदा को अवसर में बदल रहे है युवा, बचत के साथ साहसवृति भी बढ़ी

कोरोना काल में हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। ऐसे में हर परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से प्रभावित हुआ है। ऐसे में लोग पैसों की बचत करने के पीछे लग रहे है और बाजार में स्थित सभी तरीकों को आजमा रहे हैं। इस बीच सभी विकल्पों में से शेयर बाजार और म्यूच्यूअल फण्ड को वरीयता दे रहे हैं। लॉकडाउन के बीच बडे़ पैमाने पर नए निवेशक शेयर बाजार से जुड़े हैं। खासकर युवा लड़के जिनकी उम्र 21 से 35 साल के बीच है जो इस समय शेयर बाजार से जुड़े हैं। सेबी के मुताबिक लॉकडाउन के समय में हर महीने लगभग 5 लाख नए डीमैट अकाउंट खुले हैं। जिनमे करीब 65 फीसदी नए युवा हैं, वहीं कुछ युवा अतिरिक्त कमाई के लिए शेयर बाजार से जुड़ रहे हैं।
सेबी द्वारा जारी किये गए ताज़ा आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल से 30 जून तक लगभग 24 लाख डीमैट अकाउंट खुले है। वहीं कुल डीमैट अकाउंट का आंकड़ा लगभग 4.5 करोड़ करीब पहुंच चुका है। जिन युवाओं की दिलचस्पी शेयर बाजार में बढ़ रही है उनमें कॉलेज स्टूडेंट्स से लेकर ऐसे युवा शामिल हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। सिर्फ बड़े शहरों में नहीं बल्कि देशभर में युवाओं की दिलचस्पी शेयर बाजार में बढ़ी है। इसकी कई वजहें हैं। सबसे बड़ी बजह शेयर बाजार से जुड़ी जानकारियों का आसानी से उपलब्ध है। साथ ही वेब-सीरीज “स्कैम 1920 का भी इसमें बहुत बड़ा हाथ है। इस सीरीज के आने के बाद बहुत से युवा शेयर मार्केट की ओर आकर्षित हुए।
21 हजार करोड़ का मार्केट वाले म्यूच्यूअल फंड में हर साल निवेशक अनिश्चितकाल के लिए बड़े पैमाने पर निवेश करते थे। मार्केट से जुड़े लोगों का कहना है कि हर साल सूरत के म्यूच्यूअल फंड्स में औसतन 500 करोड़ के निवेश होता रहा हैं। बीते वर्ष कोरोंना महामारी में अस्तव्यस्त हुए काम धंधे के साथ साथ इलाज के लिए लोगों ने म्यूच्यूअल फंड्स से पैसे निकाले हैं। आंकड़ों की बात करे तो ये रकम 600 करोड़ से अधिक की राशी इस दौरान म्यूच्यूअल फंड्स में से निकाला गया। हालाँकि इसके साथ ये भी देखा गया है कि म्यूच्यूअल फंड्स से निकाले पैसे वापस म्यूच्यूअल फंड्स या शेयर बाजार में वापस निवेश किये जा रहे है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें