गुजरात : लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़, यूरिया और डिटर्जेंट से बन रहा दूध

(Photo Credit : vtvgujarati.com)

राज्य के खाद्य एवं औषधि विभाग ने किया चौंकाने वाला खुलासा

त्यौहारों का समय चल रहा है। इस समय लोग अपने परिवार और परिजनों के साथ कुछ आनंद का पल बिताना चाहते हैं। ऐसे समय पर लोग बाकी चीजों के साथ-साथ मिठाई और पकवान खाना पसंद करते हैं। ऐसे समय पर भी कुछ लालचखोर त्योहारों और लोगों की सेहत की परवाह किए बिना मिलावटी और नकली खाद्य व मिष्ठान्न बेचकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। राज्य के खाद्य एवं औषधि विभाग के आयुक्त ने एक बयान में कहा कि हाल ही में विभाग को डिटर्जेंट और यूरिया जैसी खतरनाक चीजों से दूध बनाने की शिकायतें मिल रही हैं।
आपको बता दें कि दूध हर एक घर में उपयोग होने वाला पदार्थ है। बच्चों से लेकर बड़ों, सभी के लिए दूध बहुत उपयोगी और सेहतमंद पेय है। ऐसे में दूध में मिलावट लोगों की सेहत के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है। चिंताजनक बात ये है कि राज्य के खाद्य एवं औषधि विभाग को लगातार मिलावट और खाद्य परीक्षण को लेकर चौंकाने वाली शिकायतें मिल रही रही है। ऐसे में विभाग ने करीब 3,000 नमूने एकत्रित किये जिसमें कुछ नमूने शंकास्पद निकले। दूध में मिलावट की बात सामने आते ही जांच तेज कर दी गई। केंद्र और राज्य सरकारों की करीब 10 टेस्टिंग वैन एक साथ काम कर रही हैं। इन वैन के सहारे मौके पर ही स्पष्ट हो जाएगा कि दूध या अन्य खाद्य पदार्थ में मिलावट है या नहीं।
जानकारी के अनुसार अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट में टेस्टिंग के लिए वैन जांच के लिए कार्यरत हैं। वर्तमान में राज्य में कुल 20 खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं जिसमें 3 सरकारी, 14 प्राइवेट और निगम की 3 टेस्टिंग लैब काम कर रही हैं। इन टेस्टिंग वैन से हर साल करीब 15,000 सैंपल टेस्टिंग के लिए लिए जाते हैं और फूड सेफ्टी एक्ट के तहत 14 दिनों में रिपोर्ट आने की उम्मीद है।  नए खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 5,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। आपराधिक सजा 10 लाख रुपये के जुर्माने से लेकर आजीवन कारावास तक हो सकती है

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