गुजरात : बीएमडब्ल्यू कार मंडप तक न पहुंचने से दूल्हा विदाई स्थल से दुल्हन को लिये बिना भाग गया

शादी के समय की दूल्हा-दुल्हन की फाइल तस्वीर

दूल्हन के बिना लिए वरराजा के भाग जाने की आणंद के इस घटना की राज्यभर में चर्चा

आणंद में एक ऐसी घटना घटी है जो सभ्य समाज को शोभा नहीं देती। आणंद के नापाडवांटा विविहा करने आये बाराती बधू को लिए बिना वापस हो गये। कन्या की विदाई के समय मंडप पर जाने का रास्ता सकरा होने से दूल्हे ध्रुवेश की बीएमडब्ल्यू कार मंडप तक नहीं पहुंच सकी, जिससे अहंकार को ठेस पहुंचने के कारण दूल्हा बिना दुल्हन को लिए वापस आ गया। अब पूरा मामला जय भारती फाउंडेशन तक पहुंच गया है। परिजनों का आरोप है कि दूल्हे ने दो लाख रुपये दहेज और एक बाइक की मांग की। यह घटना 2 दिन पहले की है। फिर भी दुल्हन ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। इस पिता विहीन बेटी की शादी के लिए भाई ने अपनी जमीन गिरवी रख दी थी। हालांकि, दूल्हा दुल्हन को बिना लिए ही लौट गया।
इस घटना को लेकर अनेक प्रश्न खड़े हो रहे हैं। समाज के तथाकथित नेता इस समय चुप क्यों रहे? क्या बेटी की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले ऐसे परिवार से रिश्ता नहीं तोड़ देना चाहिए? क्या दूल्हा और उसका परिवार समान रूप से जिम्मेदार है? शादी के तुरंत बाद क्यों भूल गई वरपक्षी जिम्मेदारी? क्या कार विदाई स्थल तक न पहुंचना रिश्ते से बढक़र है? सुख-दु:ख में साथ निभाने वाले वचन गिनती के समय में ही क्यों भूल गये? 
फिलहाल जय भारती फाउंडेशन की ओर से कोशिश की जा रही है कि बेटी को पति मुस्कुराते हुए ले जाए। वहीं सभ्य समाज के लोग दूल्हे के इस कदम की निंदा कर रहे हैं और वे अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। फिलहाल बेटी को उम्मीद है कि उसका पति उसे लेने आएगा।

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