गुजरात : वाहनों के फिटनेस परीक्षण के लिए खुलेंगे निजी केंद्र

प्रतिकारात्मक तस्वीर

भारी वाहनों के लिए पहले आठ साल और उसके बाद हर साल हर दो साल में फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य

निजी हल्के वाहनों के लिए हर 15 साल और उसके बाद हर पांच साल में फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य
गुजरात सरकार ने पिछले सितंबर में केंद्र सरकार द्वारा घोषित वाहन फिटनेस परीक्षण नीति और स्क्रैपिंग नीति के तहत गुजरात में वाहनों के फिटनेस परीक्षण के लिए निजी केंद्रों को अनुमति देने की नीति की घोषणा की है। पीपीपी के आधार पर पूरे राज्य में फिटनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। भारी वाहनों के लिए पहले आठ साल और उसके बाद हर साल हर दो साल में फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया गया है जबकि निजी हल्के वाहनों के लिए हर 15 साल और उसके बाद हर पांच साल में फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस बारे में परिवहन मंत्री पूर्णेश मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार की नीति के तहत स्वचालित फिटनेस परीक्षण की नीति पेश करने वाला गुजरात पहला राज्य बन गया है, ऐसे स्टेशनों की स्थापना के लिए अब तक सरकार को 144 आवेदन प्राप्त हुए हैं। एक कंपनी या आवेदक अधिकतम 10 स्टेशन स्थापित कर सकता है। भूमि, निर्माण, उन्नत मशीनरी, स्टाफ सहित केंद्र के लिए संरचना स्वयं के खर्च पर तैयार करनी होगी।

जानिए किस वाहन के लिए क्या चार्ज चुकाने रहेंगे
वाहन 15 साल बाद 15 साल पहले
बाइक 400 500
तिपहिया - कार 600 1000
मध्यम-भारी 1000 12300
अन्य वाहन ---- 1500

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