गुजरात : जुनागढ़ 181 अभयम की सराहनीय पहल, तलाक के विचार से मुक्त कर परिवार को टूटने से बचाया

जूनागढ़ 181 अभयम टीम

परिवार का पुनः मिलन होने से उन्होंने 181 टीम के प्रति आभार व्यक्त किया

 जूनागढ़ 181 अभयम ने सात वर्ष के वैवाहिक जीवन को टूटने से बचाकर तलाक के विचार से मुक्त कर परिवार को एकजुट कर एक सराहनीय कार्य किया है।
राज्य सरकार द्वारा संचालित 181 अभय हेल्पलाइन महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। अभयम टीम घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ की अनेक घटनाओं में मदद, सलाह,  मार्गदर्शन और बचाव कर महिलाओं को भय मुक्त बनाने वाली अभयम टीम महिलाओं की मदद करने के लिए दिन-रात काम कर रही है।
 जूनागढ़ जिले की एक महिला ने 181 पर कॉल कर मदद मांगी और कहा कि मेरा पति बच्चे के साथ खेलने के बहाने बच्चे को लेकर चला गया है। उसने बच्चा देने से इनकार कर दिया तो महिला ने बच्चे को पाने के लिए मदद मांगी। आनन-फानन में जूनागढ़ अभयम की टीम की काउंसेलर मीनाक्षीबेन सोलंकी, आरक्षक भारतीबेन मकवाना, पायलट जिनाभाई मौके पर पहुंचे और उन्हें काउंसलिंग करते हुए पीड़िता ने बताया कि उनकी शादी सात साल पहले हुई है। उनका डेढ़ साल का बच्चा है। पति के घर में पैसे नहीं देने पर पीड़िता की माता पिता का घर आना पसंद नहीं करते थे, जिससे दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता है, इसलिए पीड़िता बहन के घर रहती है। नतीजतन, दोनों (पति-पत्नी) ने अलग होने का फैसला किया। इस बीच पति बच्चे के साथ खेलने का बहाना बनाकर बच्चा लेकर चला गया है और बच्चे को देने से इंकार कर रहा है, इसलिए 181 की मदद लेने के बाद महिला और उसके पति को अभय टीम द्वारा उनके और उनके बच्चे के भविष्य के बारे में समझाते हुए जीवन जीने के लिए योग्य मार्गदर्शन दिया तथा एक दूसरे के प्रति जवाबदारी का एहसास कराया। 
        उन्होंने उन दोनों के बीच के मुद्दों को सुलझाया और तलाक से बाहर निकलने और आगे का जीवन जीने का फैसला किया। इस प्रकार परिवार  का पुनः मिलन होने से उन्होंने 181 टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

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