गुजरातः अमेरिका में रहती गुजरात की बेटी ने 35 करोड़ का रेमडेसिविर भारत भेजी

अमेरिका में रहती गुजरात की बेटी रूपा देवांग देसाई

केतन और पार्थव नाम के दो व्यक्तियों ने कस्टम्स से क्लीयर कराकर भारत सरकार को वितरण के लिए जत्था सौंप दी है


कोरोना वायरस गुजरात में कहर बरपा रहा है। मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। पिछले तीन दिनों से देशभर में  4 लाख से अधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, ठीक होने वाले रोगियों का प्रतिशत भी बढ़ रहा है। रविवार को कोविड -19 के 11084 मामले सामने आए। जबकि  कुल 14770 लोगों ने कोरोना को हराकर घर लौट गये। 
महामारी के समय में, भारत को दुनिया के कई देशों से मदद मिल रही है। ब्रिटेन, रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा से बड़े चिकित्सा उपकरणों से लेकर ऑक्सीजन तक मदद उपलब्ध है। इनमें वलसाड के पारडी तालुका के वलवाड़ा गांव की पुत्रबहू एवं परिया के सुभाषभाई छोटुभाई देसाई की बेटी रूपा देवांग देसाई ने अमेरिका से भारत की मदद की है। गुजरात की इस बेटी ने कोरोना के इलाज के लिए 35 करोड़ रुपये का रेमडेसिविर इंजेक्शन भेजा हैं। इसके लिए भारत में एक विशेष खेप भेजी गई थी। यह खेप अमेरिका से मुंबई आई थी। जहां केतन और पार्थव नाम के दो व्यक्तियों ने कस्टम्स से क्लीयर कराकर भारत सरकार को वितरण के लिए जत्था सौंप दी है। रूपा देवांग दशवाड़ा के कालिदास नायक की पुत्रवधू हैं। जो मुंबई में मफतलाल समूह के उपाध्यक्ष थे।
35 करोड़ रुपये के एक इंजेक्शन का दान करके, उन्होंने अपनी देशभक्ति व्यक्त की है और समाज का नाम भी रोशन किया है। न केवल महानगर से ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से भी विदेशों में स्थायी हुए परिवार  मातृभूमि की मदद के लिए आग आ रहे हैं। धंधुका तालुका के नावडा गाँव के मोणपरा परिवार के कई सदस्य व्यापारिक उद्देश्यों के लिए अमेरिका में बस गए हैं। गांव के मूल निवासी भरतभाई मोणपरा की बेटी अमेरिका में डॉक्टर के रूप में सेवा दे रही है। डॉ पूजा और मनीषा ने शादी के लिए बचाये 15 हजार डॉलर केविड केयर में दान कर ग्रामीण विस्तार (देश)  की सेवा की है। कोरोना वायरस की यह दूसरी लहर शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैल रही है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा बिगड़ रहा है। पहली लहर में, केवल शहरवासी और अधिक उम्र के लोग कोविड से संक्रमित थे। लेकिन दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक और जानलेवा साबित हो रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। राज्य के 36 ग्रामीण क्षेत्रों में तीन महीनों में कुल 8000 से अधिक सकारात्मक मामले सामने आए हैं।

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