गुजरात : कोरोना का प्रकोप भारी, कुंभ मेले में शाही स्नान के लिए जाने से अब कतरा रहे प्रवासी

(Photo Credit : en.wikipedia.org)

कोरोना के भय के कारण 90 प्रतिशत लोगों ने कैन्सल किए शाही स्नान की बुकिंग

गुजरात और भारत में कोरोना के कहर बढ़ चुका है। कोरोना के बढ़ते प्रभाव की असर अब कुंभ मेले पर भी पड़ी है। हरिद्वार में कुंभ मेले के दौरान गंगा नदी में सोमवती अमावस के दौरान शाही स्नान करने का अनोखा महत्व है। हालांकि इस बार कोरोना का प्रभाव देखते हुये 90 प्रतिशत यात्रियों ने उनका शाही स्नान करने का निर्णय रद्द कर दिया है। 
माना जाता है की गुरु ग्रह जब कुंभ राशि में प्रवेश करता है तब देव लोक में से अमृत की वर्षा गंगा नदी में होती है। इसी कारण इस स्नान को पवित्र माना जाता है । हर की पौढ़ी में बहने वाली गंगा को देश की सबसे पवित्र नदी माना जाता है और इस दिन वहाँ स्नान करने से सभी पाप में से मुक्ति मिलती है ऐसे मान्यता है। खास करके अपने जीवन के आखरी पड़ाव में जी रहे लोग इस शाही स्नान के जरिये अपने सभी पापों को नष्ट करने की आस्था लेकर यहाँ अधिक मात्रा में आते है। हालांकि इस बार 12 अप्रैल के दिन होने वाले सोमवती अमावस के दिन शाही स्नान करने जाने वाले 90 प्रतिशत लोगों ने अपनी बुकिंग कैन्सल करवा ली है। 
बता दे की मार्च 2020 में कोरोना के कारण ट्रैवल बिजनेस पूरी तरह से बिगड़ चुका था, जिसके बाद 2021 में अच्छे व्यापार की आशा थी। हालांकि इस बार भी कोरोना ने इस अरमानों पर पानी फैर दिया है। इसके अलावा अभी तक बच्चों की छुट्टी का भी कोई ठिकाना नहीं है, जिसके कारण वेकेशन में होने वाले व्यापार की भी कोई गुंजाइश नहीं है। 

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