गुजरातः डी-डायपर 1210, सीआरपी 78 और ओक्सिजन लेवल 75 के बावजूद बालक को मिला नवजीवन

मां के कोरोना संक्रमित होने से बच्चा हुआ था पॉजीटिव

मेडिकल चमत्कार! कोरोना के साथ पैदा हुए नवजात ने 14 दिनों में कोरोना को मात दी

दाहोद में एक अस्पताल में कोरोना संक्रमित माता ने 21 अप्रैल को 3.7 किलो वजन के स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। माता कोरोना संक्रमित होने पर बच्चे का पहले एन्टीजन टेस्ट के बाद आरटीपीसीआर टेस्ट पोजिटिव आने पर डॉक्टर चिंतित हो गए। वहीं दूसरी ओर माता का भी स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें अधिक इलाज के लिए वडोदरा ले जाया गया।
 मामला जिला विकास अधिकारी  रचित राज के संज्ञान में आया और उन्होंने सीडीएचओ डॉ. सी.आर. पटेल और डॉ. अनुराग को किसी भी तरह से बच्चे की मदद करने का निर्देश दिया।  इसलिए, डॉ. अनुराग बालसखा योजना के तहत एन्टाइल हुए, डॉ. सोनल हठीला के अस्पताल में सुनीताबेन के नवजात बेटे को गहन उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोरोना संक्रमित माता का इलाज वडोदरा में हो रहा था और नवजात बच्चे का सरकार के बालसखा योजना के तहत एन्टाइल अस्पताल में भर्ती कराया गया।  एक ओर वडोदरा में माता वेन्टिलेटर पर और दाहोद में पुत्र की भी स्थिति नाजुक बनी हुई थी। इसके बाद जो हुआ वह मेडिकल चमत्कार से कम नही था। नवजात को जब अस्पताल में भर्ती कराया गया उस समय डी-डायपर 1210, सीआरपी 78 और ओक्सिजन लेवल 75 से 80 था। इतने कमजोर रिपोर्ट होने के बावजूद डॉक्टरों ने बच्चे का इलाज करना शुरु कर दिया। बच्चे के जन्म के तीसरे दिन ही एन्टीबायोटिक दवाइयों के साथ मुंह में नली डालकर फिडिंग शुरू कर दिया। फिडिंग में सिर्फ दूध दिया गया। इस बीच  वडोदरा में बच्चे की माता के स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिला। साथ ही पांचवे दिन बच्चे को सांस लेने की प्रक्रिया में सुधार देखने को मिला। बच्चा सामान्य तौर पर सांस लेने लगा तब छठ्ठे दिन बच्चे को चम्मच से फिडिंग शुरु किया गया। खुराक और दवाइ के साथ डॉक्टरों की लगातार निगरानी में बच्चे की स्थिति सामान्य हो गई। इस दौरान माता सुनिताबेन के स्वास्थ्य में भी सुधार होने लगा। माता को भी वेन्टीलेटर से ओक्सिजन पर रखा गया। डॉक्टरों की महेनत की बदौलत 15 दिनों के भीतर 14 दिन के बच्चे ने कोरोना को मात दी। बच्चा कोरोना मुक्त होने पर बच्चे को डिस्चार्ज करने से पहले टेस्ट कराने पर डी-डायपर 310 आरटीपीसीआर टेस्ट नेगेटिव आया। रिपोर्ट नेगेटिव आने पर बच्चे को डिस्चार्ज किया गया। 

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