सूरत ऐपरल पार्क में खाली जमीन उद्यमियों को मिलने का रास्ता साफ

पार्क को आंशिक रूप से डी-नोटिफाई करने के लिए वाणि’य मंत्रालय का फैसला

सूरत ऐपरल पार्क  को डी-नोटिफाई करने का फैसला वाणि’य मंत्रालय ने लिया है। सरकार के इस फैसले से ऐपरल पार्क में खाली पड़ी जमीनों को उद्योगपतियों से मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उद्योगपतियों ने पार्क को डी-नोटिफाई करने के लिए केंद्रीय कपड़ा मंत्री से संपर्क किया था।
एसआरटीईपीसी के अध्यक्ष धीरज शाह ने कहा कि सूरत ऐपरल पार्क में लगभग &.66 लाख वर्ग मीटर भूमि सरकार को एक उचित निर्णय के लिए पेशकशकी गई थी और परिणाम पेशकश करने के दस दिनों के भीतर आया था। एक महीने पहले जब सरथाना में चैंबर ऑफ कॉमर्स की एक प्रदर्शनी में कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल मौजूद थे, तो व्यवसायी ने एक प्रेजेंटेशन में कहा कि वाणि’य मंत्रालय के पास चार साल से डी-नोटिफिकेशन का प्रस्ताव पड़ा है।
यहां ऐपरल पार्क की बहुत जरूरत है। 15 साल पहले इसी जरूरत के आधार पर 60 हेक्टेयर (6 लाख वर्ग मीटर) में एक पार्क बनाया गया था। बाद में सेज स्टेटस और इसके लाभों से पार्क बाहर निकल गया, पार्क पाश्र्वली डि-नोटिफाई करने के लिए विभिन्न विभागों से सभी मंजूरी प्राप्त की गई।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें