'विकास' का पान खाकर भूपेंद्र पटेल गुजरात का विकास करने को सज्ज

निगम के अध्यक्ष बनने के दौरान से ही खाते है विकास का पार्लर

रविवार को गुजरात को नया मुख्यमंत्री मिलने के बाद से ही उनके बारे में लगातार चर्चा हो रही है। अहमदाबाद के घाटलोदिया इलाके से विधायक भूपेंद्र पटेल जब राज्य के मुख्यमंत्री बने तो हर कोई उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानना चाहता था।  नए मुख्यमंत्री अपने आध्यात्मिक स्वभाव, शौक, राजनीतिक करियर को लेकर चर्चा में तो है ही, लेकिन उनके बारे में एक और जानकारी सामने आई है। जो बहुत ही रोचक है और साबित करता है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल बहुत ही सरल स्वभाव के हैं।
गुजरात के नए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मेमनगर नगर पालिका के सदस्य और बाद में नगर पालिका के अध्यक्ष के रूप में पहली जिम्मेदारी संभाली। बहुत ही कम समय में वे पालिका अध्यक्ष के पद से राज्य के मुख्यमंत्री के पद तक पहुंछ गए है। अपने राजनीतिक जीवन में, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल नगरपालिका के अध्यक्ष बनने के बाद से दो विकास का पीछा कर रहे हैं। एक स्टेट का विकास और दूसरा विकास पान पार्लर। 
जी हां, सीएम भूपेंद्र पटेल को नवरंगपुरा के विकास पान पार्लर से पान खाने का शौक है। आज भी वे वहीं से पान मंगवाते हैं और खाते हैं। हालांकि जब वे निगम के अध्यक्ष थे तो व्यक्तिगत रूप से वहां जाते थे, लेकिन विधायक बनने के बाद उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गईं और वे वहां व्यक्तिगत रूप से नहीं जा सकते थे। लेकिन यहां से आज भी उनके पान के पार्सल जाते हैं।
वह दोस्तों के साथ पान खाने जाते थे। उनके सरल स्वभाव से सभी लोग प्रभावित होते थे। बता दें कि सीएम को सादा पान खाने का शौक है। गौरतलब है कि सीएम को वर्ष 2004 में राज्य की नगर पालिकाओं के बीच ई-गवर्नेंस में बेस्ट म्युनिसिपल अवार्ड भी मिला था। इस प्रकार सतत विकास की ओर बढ़ने का विजन रखने वाले भूपेंद्र पटेल अब राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात की विकास यात्रा को संभालेंगे।

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