कोरोना को मात देने वाले 70 साल के बुजुर्ग ने बांटी मिठाइया

प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo : IANS)

वराछा के आइसोलेशन वॉर्ड में थे दाखिल, निजी अस्पतालों में नहीं थी जगह तो आइसोलेशन में ही हुआ इलाज

शहर के मोटा वराछा सेंटर में 70 वर्षीय बुजुर्ग ने अपने ठीक हो जाने पर परिवार जनों को तथा मरीजो और स्वयंसेवकों को लड्डू खिलाकर मुंह मीठा कराया था। 70 वर्षीय वृद्ध के शरीर में ऑक्सीजन का लेवल कम हो जाने से उन्हें हॉस्पिटल में दाखिल करने सलाह दी गई थी लेकिन निजी हॉस्पिटल में बैठक नहीं मिलने के कारण परिवारजनों ने उन्हें आइसोलेशन सेंटर में रखा था। शहर में इन दिनों आइसोलेशन सेंटर में बड़ी संख्या में मरीज उपचार ले रहे हैं।
मोटा वराछा की आनंद धारा सोसाइटी में रहने वाले 70 साल के धरमशी त्रिकमभाई भागाला को गत 13 अप्रैल के रोज कोरोना संक्रमित हुए थे। उन्हें मोटा वराछा के आइसोलेशन सेन्टर में एडमिट किया गया था। इसके बाद अचानक उनका ऑक्सीजन लेवल भी घट गया। इसके बाद डॉक्टर ने उन्हें हॉस्पिटल में दाखिल करने की सूचना दी थी। निजी हॉस्पिटल में बेड नहीं होने के कारण उन्हें जगह नहीं मिली। जिससे कि उन्हें आइसोलेशन सेंटर में ही दाखिल कर दिया गया। धीरे-धीरे वहां पर उनकी तबीयत ठीक होने लगी और ऑक्सीजन लेवल भी सुधर गया। बुधवार को धरमशी भाई सहित चार जनों को छुट्टी दी गई।  उन्होंने कोरोनावायरस होने की खुशी में बैंड बाजे के साथ विदाई ली और हॉस्पिटल के तमाम स्टाफ को लड्डू खिलाकर खुशी व्यक्त की।
हॉस्पिटल में दाखिल अन्य मरीजों को भी हिम्मत नहीं हारने की सलाह दी। अब तक इस सेंटर में 200 सहित पॉजिटिव मरीज आ चुके हैं। जिनमें 83 लोग स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं। धरमशी भाई के दोनों बेटे भी आइसोलेशन सेंटर में मरीजों की देखरेख कर रहे हैं। कृपा सोसाइटी के प्रमुख शैलेष डाखरा, कोर्पेरेटर महेश अड़धड़,रीवा संस्कृति चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से नाना वराछा कम्युनिटी हॉल में आइसोलेशन सेंटर शुरू किया गया है। आइसोलेशन सेंटर में मरीजों की सेवा करने के लिए शैलेश डाखरा ने बुधवार को अपने निजी कार को एंबुलेंस में परिवर्तित कर दिया।

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