पत्नी के एक फोन ने पति को बचाया, अफगानिस्तान जाने की कर रहे थे तैयारी

निजी सुरक्षा कंपनी में काम कर रहे गुरुंग ने रद्द की माता, पत्नी और दोस्तों के दबाव पर अपनी अफगानिस्तान की यात्रा

भारत सरकार द्वारा अफगानिस्तान से अपने 300 से भी अधिक लोगों को एयरलिफ्ट कर लिया गया है। इस बीच 49 वर्षीय संजय गुरुंग को भगवान को धन्यवाद किया था। पूर्व सैनिक गुरुंग 15 जुलाई को कंपनी के किसी काम से काबुल जाने वाले थे। पर उनकी पत्नी ने उन्हें फोन करके ना जाने की गुहार लगाई। पत्नी के अलावा उनकी माँ और दोस्तों ने भी उनको नहीं जाने को कहा, लोगों की भारी जिद के कारण उन्होंने अपनी काबुल जाने की योजना रद्द कर दी है।
काबुल में एक निजी सुरक्षा एजेंसी में शामिल होने जा रहे गुरुंग ने कहा कि वर्तमान में अफगानिस्तान में जिस तरह के हालात दिख रहे है। उसे देखते हुये यह भगवान का ही शुक्र है कि वह काबुल नहीं गए और उन्हें इतनी बड़ी परेशानियों में नहीं फंसना पड़ा। गुरुंग ने कहा कि सेना से सेवानिवृत होने के बाद उन्होंने उसी काम के लिए अफगानिस्तान जाने से पहले साल 2012 में इराक में एक निजी सुरक्षा एजेंसी में काम कर रहे थे। वह अफगान मे एक निजी एजंसी में काम कर ही रहे थे, पर वेतन कम कर देने के बाद उन्होंने जनवरी में नौकरी छोडकर वापिस आ गए। 
इसके बाद उन्होंने दूसरी जगह आवेदन दिया था, जहां उनका चयन हो गया और उनको 15 जुलाई को नई नौकरी जॉइन करने जाना था। इसके अलावा देहारादून के अन्य चौदह लोगों को भी उनके साथ चुना गया था। जिसमें से 11 लोग तो पहले ही चले गए, पर चार लोग लेट हो गए। इसके बाद हमने 15 जुलाई की टिकट निकाली। ओर उनकी पत्नी ने उन्हें अफगानिस्तान की स्थिति का हवाला देते हुये जाने को मना किया। उनकी माँ ने भी उनसे काफी मिन्नतें की। जिसके चलते उन्होंने वापिस लौटने का फैसला किया। 
गुरुंग ने कहा, "कुछ ही दिन पहले उनके पास एक वीडियो आया था, जिसमें उनके जैसे लोगों का एक समूह देश से उन्हें वापिस लाने की अपील कर रहा था। इसमें से दो उनके दोस्त भी थे। इस परिस्थिति को देखते हुये वह काफी खुशकिस्मत महसूस कर रहे है। उनकी पत्नी के एक फोन ने उनकी किस्मत के आगे अंधेरा होने से बचा लिया। हालांकि वह फिलहाल अपने दोस्तों की स्थिति को लेकर काफी चिंतित है। 

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