जानिए किस मामले में सरकार की मदद चाहता है यूक्रेन में घायल हुआ ये भारतीय छात्र

जानिए किस मामले में सरकार की मदद चाहता है यूक्रेन में घायल हुआ ये भारतीय छात्र

युद्ध के दौरान घायल हुए भारतीय छात्र हरजोत सिंह को दिल्ली के सेना अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया

रूस द्वारा यूक्रेन में चल रहे हमले में कुछ भारतीय विद्यार्थी भी फंस गए थे। सरकार ने ऑपरेशन गंगा के तहत अधिकांश विद्यार्थियों को वापस लाने में सफल रही है। हालांकि इसमें एक भारतीय छात्र की मौत हो गई थी और एक विद्यार्थी घायल हो गया था। युद्ध के दौरान घायल हुए भारतीय छात्र हरजोत सिंह को दिल्ली के सेना अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। अस्पताल से निकलने के बाद छात्र ने बताया कि ‘डॉक्टर के अनुसार उसके हाथों और पैरों का इलाज लगभग 1 साल तक चलेगा। आगे उसने बताया 'मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। मेरे पिता सेवानिवृत्त हो गए हैं। मैं चाहता हूं कि भारत सरकार आगे के इलाज में मेरी मदद करे।' इस मामले पर हरजोत सिंह के पिता केसर सिंह ने कहा, ‘सबसे पहले मेरा बेटा ठीक होने की कोशिश करेगा और उसके बाद वह सोचेगा कि उसे क्या करना है। अगर उसे फिर से मौका मिलता है तो वह पढ़ाई के लिए यूक्रेन जरूर जाएगा।
आपको बता दें कि पिछले महीने 27 फरवरी को हरजोत और उसके दो दोस्त पश्चिमी लवीव शहर के लिए एक कैब (टैक्सी) में सवार थे जब उन्हें गोलियां लगी थीं। इस बारे में हरजोत सिंह ने बताया, ‘हम तीन लोगों ने सुरक्षित बाहर निकलने के लिए कैब बुक की थी। दो चेक प्वाइंट्स के बाद जैसे ही हम तीसरे चेक प्वांइट की तरफ बढ़े वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने हमें रोका। उन्होंने कहा था कि यहां की हालात खराब है, आप कल आना। इसके बाद हम वापस आ रहे थे, इसी दौरान कीव शहर में गाड़ी में हमारे ऊपर फायरिंग होनी शुरू हो गई। मुझे गोलियां लगीं और मैं बेहोश हो गया और इसके बाद मुझे 2 तारीख को अस्पताल में ही होश आया।'

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