सूरत : मोबाइल गेम की लत; परिवार ने संकट समय के लिये बचा कर रखी पूंजी बच्चे ने ही चुरा ली थी!

सूरत : मोबाइल गेम की लत; परिवार ने संकट समय के लिये बचा कर रखी पूंजी बच्चे ने ही चुरा ली थी!

क्रोधित होने की जगह पिता ने लिया संयम से काम, पुलिस ने भी सभी को शांति से समजाया

तकनीक के इस युग में आजकल बच्चे भी इसके उस्ताद हो गए है। आजकल हर बच्चा आपको मोबाइल में ही व्यस्त दिखाई देगा। लोकडाउन के दौरान सभी बालकों को मानो गेम का नशा हो गया था। फ्री-फायर और पबजी जैसी गेमों की वजह से माता-पिता परेशान हो गए थे। हालांकि 'बोयकोट चाइना' के कारण पबजी तो बंद हो गई, पर फ्री फायर शुरू ही रहा। जिसे लेकर बच्चे बिलकुल ही पागल हो गए थे। 
गेम के लिए खरीदने थे डायमंड, तो घर की तिजौरी से पैसे चुराये
आए दिन कई बालकों द्वारा गेम में आने वाली इन-एप पर्चेस आइटम्स की खरीदी के लिए बच्चों ने अपने घर में चोरी की हो ऐसे किस्से सामने आई है। एक ऐसा ही किस्सा कुछ दिन पहले कापोद्रा पुलिस स्टेशन से सामने आया था। जहां एक बालक ने फ्री-फायर गेम के लिए घर में से टुकड़े टुकड़े कर के 75 हजार रुपए चुरा लिए थे। 
पिता ने की पूछताछ तो सच बताया
विस्तृत जानकारी के अनुसार, कापोद्रा के रत्नकलाकार व्यक्ति की तिजोरी में से अपने संकट समय के लिए बचा के रखे 75 हजार रुपए गायब हो गए थे। जब उसने थोड़ी जांच की तो पता चला की यह पैसे उसके पुत्र ने ही चुराये थे। हालांकि पुत्र के पैसे चुराने का कारण जानने के लिए जब पिता ने पुत्र से पूछताछ की तो पुत्र ने बताया की गेम खेलने के लिए जरूरी डायमंड खरीदने के लिए वह टुकड़ों में तिजोरी में से पैसे ले जाता था। इसके अलावा घर के चौराहे पर ही आई एक ऑफिस में बैठ कर गेम खेलता था। 
अपने पुत्र की बात में कितना तथ्य है यह जानने के लिए पिता ने यह बात कापोद्रा पुलिस स्टेशन में बताई थी। जिस दौरान पुत्र जिससे डायमंड की खरीदी की थी उस व्यक्ति को बुलाया। जहां उसने बताया की दोपहर के 2 से 4 के दौरान पुत्र पैसे लाकर उसके पास से डायमंड लेता था। जिसके बदले में वह प्रति डायमंड 10 रुपए कमीशन लेता था। सारी बात जानने के बाद पुलिस ने दोनों को अच्छी तरह से समजाकर बिना किसी केस को दर्ज किए वहाँ से जाने दिया था। 
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