सूरत : टेक्सटाइल सेक्टर को “थ्रस्ट सेक्टर” का दर्जा मिलने से वीविंग इंडस्ट्री को मिलेगा नया बल: मयूर गोलवाला
विकसित गुजरात औद्योगिक नीति-2026 में बढ़ी सब्सिडी और आधुनिक टेक्नोलॉजी को बढ़ावा, टेक्सटाइल निर्यात में वृद्धि की जताई उम्मीद
सूरत। सचिन इंडस्ट्रियल को-ऑपरेटिव सोसाइटी के सचिव एवं प्रख्यात वीवर मयूर गोलवाला ने राज्य सरकार द्वारा घोषित “विकसित गुजरात औद्योगिक नीति-2026” का स्वागत करते हुए कहा है कि नई नीति में टेक्सटाइल उद्योग को “थ्रस्ट सेक्टर” के रूप में शामिल किया जाना सूरत की वीविंग इंडस्ट्री के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा।
उन्होंने कहा कि नीति के तहत कैपिटल सब्सिडी को 35 प्रतिशत, ब्याज सब्सिडी को 7 प्रतिशत तथा बिजली सब्सिडी को 2 रुपये प्रति यूनिट तक बढ़ाने का निर्णय उद्योग जगत के लिए प्रोत्साहनकारी कदम है। इससे विशेष रूप से छोटे और मध्यम स्तर के टेक्सटाइल उद्यमों को प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
मयूर गोलवाला ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल वैल्यू चेन, आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना और निर्यात-उन्मुख उत्पादन क्षमता पर विशेष जोर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में गुजरात, विशेषकर सूरत के टेक्सटाइल निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि उद्योगों को टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन, आधुनिक मशीनरी, ऑटोमेशन और उत्पादन क्षमता विस्तार के लिए विभिन्न सहायता योजनाओं का लाभ मिलेगा। इससे उद्योगों की कार्यकुशलता बढ़ेगी, उत्पादन लागत में कमी आएगी और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी।
गोलवाला ने विश्वास व्यक्त किया कि नई नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से सूरत का टेक्सटाइल उद्योग अधिक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निर्यात-केंद्रित बन सकेगा तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
