वडोदरा :  सड़क हादसों में घायलों के इलाज से इनकार करने वाले अस्पतालों पर होगी कार्रवाई

पुलिस कमिश्नर नरसिंह कोमार और कलेक्टर डॉ. अनिल धामेलिया ने PM राहत योजना के प्रभावी अमल का दिया निर्देश, दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा कैशलेस इलाज

वडोदरा :  सड़क हादसों में घायलों के इलाज से इनकार करने वाले अस्पतालों पर होगी कार्रवाई

 सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। वडोदरा पुलिस कमिश्नर नरसिंह कोमार और कलेक्टर डॉ. अनिल धामेलिया ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वीकृत (एम्पैनल्ड) अस्पतालों में दुर्घटना पीड़ितों का इलाज करने से इनकार करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर कार्यालय में एम्पैनल्ड अस्पतालों के डॉक्टरों और प्रशासकों के साथ आयोजित बैठक में अधिकारियों ने PM राहत योजना को सरल और प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में सरकारी डॉक्टरों ने योजना के तहत काम करने की प्रक्रिया और इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि PM राहत योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तुरंत और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए इलाज में आर्थिक कारणों से किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

योजना के तहत सड़क हादसों में घायल पीड़ितों को निर्धारित अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है। दुर्घटना के बाद शुरुआती सात दिनों तक तय सीमा तक इलाज का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है, जिससे पीड़ितों और उनके परिवारों पर तत्काल आर्थिक भार कम होता है। बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही घायल व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर तुरंत इलाज शुरू करने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

पुलिस कमिश्नर नरसिंह कोमार और कलेक्टर डॉ. अनिल धामेलिया ने कहा कि जिन अस्पतालों की PM राहत योजना के तहत आईडी नहीं बनी है, उन्हें जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति अस्पताल पहुंचता है तो उसकी जान बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। इलाज शुरू करने के लिए पुलिस की मौजूदगी या बीमा पॉलिसी की जांच का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना के तुरंत बाद अस्पताल पहुंचने वाले घायलों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार दिया जाए। इलाज का खर्च PM राहत योजना के तहत उठाया जाएगा। यदि किसी घायल मरीज या उसके परिजनों से अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में रेजिडेंट एडिशनल कलेक्टर बी.एस. पटेल, डॉ. स्मिता सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, डॉक्टर और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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