जी. डी. गोयनका इंटरनेशनल स्कूल, सूरत को यूनेस्को ASPnet में वैश्विक मान्यता

जी. डी. गोयनका इंटरनेशनल स्कूल, सूरत को यूनेस्को ASPnet में वैश्विक मान्यता

जी. डी. गोयनका इंटरनेशनल स्कूल, सूरत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसे संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के प्रतिष्ठित “एसोसिएटेड स्कूल्स नेटवर्क (ASPnet)” का सदस्य होने की आधिकारिक मान्यता प्राप्त हुई है।        

यह मान्यता विद्यालय को विश्वभर की उन चुनिंदा संस्थाओं में स्थान दिलाती है, जो शांति, सतत विकास, वैश्विक नागरिकता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रसार के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जी. डी. गोयनका इंटरनेशनल स्कूल भारत की चुनिंदा स्कूलों में स्थान प्राप्त करने वाली एक विशिष्ट संस्था बन गई है। साथ ही, यह सूरत की पहली और गुजरात की तीसरी स्कूल है जिसे यह गौरव प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि विद्यालय समुदाय के लिए गर्व का क्षण है और वैश्विक तथा मूल्य-आधारित शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

यूनेस्को, जिसकी स्थापना 1945 में हुई और जिसका मुख्यालय पेरिस में स्थित है, संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है, जो शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय  सहयोग को बढ़ावा देकर शांति स्थापित करने का कार्य करती है।

1953 में यूनेस्को ने ASPnet (एसोसिएटेड स्कूल्स नेटवर्क) की शुरुआत की, जिसके माध्यम से उन शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ा जाता है, जो मानते हैं कि शिक्षा शांति, समावेशिता और समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आज ASPnet में 180 से अधिक देशों की 10,000 से अधिक विद्यालय शामिल हैं। ये संस्थाएँ शैक्षिक परियोजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लेती हैं, नवाचारपूर्ण प्रथाओं को साझा करती हैं तथा विद्यार्थियों को सांस्कृतिक समझ, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और वैश्विक जागरूकता के लिए प्रेरित करती हैं। इस नेटवर्क की सदस्यता प्राप्त करना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और वैश्विक मूल्यों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

जी. डी. गोयनका इंटरनेशनल स्कूल का इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में शामिल होना उसके विद्यार्थियों को शैक्षणिक रूप से सशक्त, सामाजिक रूप से जिम्मेदार और वैश्विक दृष्टिकोण से युक्त बनाने की उसकी प्रतिबद्धता को उजागर करता है। विद्यालय ने वर्षों के दौरान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कारात्मक मूल्यों का सशक्त समन्वय स्थापित किया है।

करीबन 2011 के आसपास स्थापित यह विद्यालय,  सूरत के वेसु क्षेत्र में स्थित न्यू सिटी लाइट में एक अग्रणी सहशिक्षा संस्थान है। इसका परिसर भरथाणा क्षेत्र में केनाल रोड पर स्थित विजडम वैली में,  अणुव्रत द्वार के निकट अवस्थित है। आशीर्वाद केलवणी पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित यह संस्थान समय के साथ शहर के प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में विकसित हो चुका है।

विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध है। समय के साथ  विद्यालय ने आधुनिक आधारभूत संरचना और शिक्षण सुविधाओं का विकास किया है, जो विद्यार्थियों के शैक्षणिक तथा सह-पाठ्यक्रम विकास दोनों को प्रोत्साहित करती हैं।

लगभग 28,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला यह परिसर विद्यार्थियों के लिए एक उत्साहपूर्ण शैक्षणिक वातावरण प्रदान करता है। यहाँ 129 कक्ष, 79 सुव्यवस्थित कक्षाएँ, 16 सुसज्जित प्रयोगशालाएँ तथा 3 पुस्तकालय हैं, जो प्रौद्योगिकी को दैनिक शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ते हैं। इसके अतिरिक्त, 3,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला विशाल मैदान विद्यार्थियों को खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करता है।

विद्यालय ने आरंभ से ही समग्र शिक्षा पर विशेष जोर दिया है। शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ खेलकूद, कला, सांस्कृतिक गतिविधियों और प्रायोगिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा खोजने और विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाता है। विद्यालय का शिक्षण दृष्टिकोण सृजनात्मकता, तार्किक क्षमता और प्रायोगिक अधिगम पर आधारित है।

ASPnet में सदस्यता प्राप्त करने के लिए विद्यालय का विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया जाता है। इसमें विद्यालय की दृष्टि, शिक्षण-अधिगम पद्धतियाँ, शिक्षक विकास कार्यक्रम, विद्यार्थी सहभागिता, सतत विकास के लिए पहलें तथा समावेशी शिक्षा की प्रथाएँ शामिल होती हैं।

जी. डी. गोयनका इंटरनेशनल स्कूल ने इन सभी मानदंडों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। विद्यालय का दृष्टिकोण शांति, मानवाधिकार, सतत विकास और वैश्विक नागरिकता जैसे यूनेस्को के मुख्य मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है।

छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियाँ जैसे अनुसंधान-आधारित अध्ययन, प्रायोगिक गतिविधियाँ और परियोजना-आधारित कार्य शामिल है। इससे विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से सोचने, प्रश्न पूछने और वास्तविक जीवन में ज्ञान का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

शिक्षकों का विकास भी महत्वपूर्ण है। नियमित प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराया जाता है।

विद्यार्थियों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। छात्र परिषद, नेतृत्व के अवसरों और सहयोगात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।

पर्यावरण जागरूकता और सतत विकास विद्यालय के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल हैं। इको-क्लब, पर्यावरण अभियानों और परियोजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाता है।

पाठ्यक्रम में वैश्विक नागरिकता, सांस्कृतिक विविधता और मानव अधिकारों से संबंधित विषयों को शामिल किया गया है। विभिन्न सांस्कृतिक उत्सवों और अंतरराष्ट्रीय दिवसों के माध्यम से अंतरसांस्कृतिक समझ को बढ़ावा मिलता है।

समावेशिता विद्यालय का एक महत्वपूर्ण मूल्य है। विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले छात्रों को समान अवसर प्रदान किए जाते हैं, जिससे पारस्परिक सम्मान और एकता की भावना मजबूत होती है।

विद्यालय शांतिपूर्ण शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और समानता को भी प्रोत्साहित करता है। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक मुद्दों पर विचार करने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाता है।

छात्रों की सुरक्षा और कल्याण विद्यालय की प्राथमिकता है। बाल सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक अनुशासन से संबंधित नीतियों के माध्यम से एक सुरक्षित और सहायक वातावरण बनाया जाता है।

यूनेस्को ASPnet से जुड़ने से विद्यालय की वैश्विक दृष्टि और अधिक सुदृढ़ होती है। इससे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं और सहयोगात्मक कार्यक्रमों में भाग लेने के अवसर प्राप्त होते हैं, जो उनके संचार, टीमवर्क और सृजनात्मकता जैसे कौशलों का विकास करते हैं।

इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में विद्यालय विशेष सभाएँ, प्रदर्शनी और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है, जो विद्यार्थियों को वैश्विक मुद्दों के बारे में जागरूक करेंगे। यह सफलता विद्यालय के प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के संयुक्त प्रयासों का प्रतिबिंब है।

यूनेस्को ASPnet के सदस्य के रूप में, जी. डी. गोयनका इंटरनेशनल स्कूल अब वैश्विक सहयोग को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों के लिए नवीन अवसरों का सृजन करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को बढ़ाती है, बल्कि भविष्य के जिम्मेदार, संवेदनशील और वैश्विक नागरिकों के निर्माण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी और अधिक मजबूत बनाती है।

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