सूरत : खाड़ी में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ा नगर निगम प्रशासन

स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पनशेरिया ने किया निरीक्षण, मानसून से पहले सभी सफाई कार्य पूरे करने के निर्देश

सूरत : खाड़ी में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ा नगर निगम प्रशासन

 सूरत। आगामी मानसून को देखते हुए सूरत महानगरपालिका ने शहर में प्री-मानसून तैयारियों और खाड़ियों की सफाई का अभियान युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।

हर वर्ष मानसून के दौरान शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव और खाड़ी में बाढ़ की समस्या उत्पन्न होती है। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में गुजरात के स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर चल रहे कार्यों की समीक्षा की।

मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने सूरत महानगरपालिका के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुणा क्षेत्र स्थित भगवती सोसायटी का दौरा किया, जहां खाड़ी सफाई का कार्य प्रगति पर है।

निरीक्षण के दौरान सूरत की महापौर मायाबेन मावाणी, नगरसेवक एवं स्थानीय संगठन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। अधिकारियों के साथ क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों तथा मानसून के दौरान आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस वर्ष महानगरपालिका ने खाड़ियों की सफाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग शुरू किया है। भगवती सोसायटी क्षेत्र में ‘एम्फीबियस एक्सकेवेटर’ मशीन की मदद से सफाई कार्य किया जा रहा है।

यह विशेष मशीन पानी और जमीन दोनों पर कार्य करने में सक्षम है तथा खाड़ी में जमा कचरा, प्लास्टिक, गाद और झाड़ियों को हटाकर जल निकासी की क्षमता बढ़ाने का काम कर रही है।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।

उन्होंने कहा कि निचले क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को जलभराव, गंदगी और दुर्गंध जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए अभी से प्रभावी योजना बनाकर कार्य करना आवश्यक है।

प्रफुल पानशेरिया ने स्पष्ट कहा कि प्री-मानसून कार्य सीधे नागरिकों की सुविधा और स्वास्थ्य से जुड़े हुए हैं, इसलिए कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने नालों, खाड़ियों और ड्रेनेज लाइनों की सफाई निर्धारित समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।

महानगरपालिका द्वारा वराछा, पुणा, लिंबायत और उधना जैसे जलभराव प्रभावित क्षेत्रों को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

साथ ही, फ्लड कंट्रोल रूम, डी-वॉटरिंग पंपिंग स्टेशन और आपातकालीन राहत टीमों को भी मानसून के दौरान संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा जा रहा है।

मनपा प्रशासन का दावा है कि समय रहते किए जा रहे इन कार्यों से इस वर्ष मानसून के दौरान शहरवासियों को जलभराव और खाड़ी में बाढ़ जैसी समस्याओं से काफी हद तक राहत मिल सकेगी।

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