‘भारत किसी का गुलाम नहीं…’ पुतिन ने ट्रंप को दिया दो टूक जवाब; बोले- INDIA ने कभी विदेशी फरमान नहीं माना
रूस, 06 जून (वेब वार्ता)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय मंच से भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और संप्रभुता का पुरजोर समर्थन किया है।
सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (एसपीआईईएफ़ 26) के दौरान पुतिन ने कहा कि इंडिया ने कभी भी अपनी सीमाओं के बाहर से मिले आदेशों या विदेशी ‘फरमानों’ को तवज्जो नहीं दी है।
संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि स्वाभाविक रूप से, भारत ने कभी भी विदेश से आए किसी आदेश का पालन नहीं किया है।
पुतिन ने यह भी जोड़ा कि भारत जैसे भरोसेमंद साथी पर दबाव बनाने की कोशिशें पूरी तरह से ‘बेकार’ हैं, क्योंकि भारत पश्चिमी देशों के दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
IT इंडस्ट्री का ‘बड़ा खिलाड़ी’ है भारत
पुतिन ने न केवल भारत की कूटनीतिक मजबूती की तारीफ की, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी भारत के योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की आईटी इंडस्ट्री का एक अहम साझीदार और वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक है।
रूस को अलग-थलग करने की कोशिशें नाकाम
पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों पर चर्चा करते हुए पुतिन ने दावा किया कि रूस को अलग-थलग करने की रणनीति विफल रही है। उन्होंने कहा कि रूस दुनिया भर के देशों के साथ मजबूत संबंध बनाए हुए है और अपनी सीमा-पार परियोजनाओं, सड़कों और रेलमार्गों के विस्तार पर काम जारी रखेगा।
पुतिन ने यह भी तंज कसा कि अमेरिकी लोग काफी व्यावहारिक होते हैं वे वहां सहयोग जारी रखते हैं लेकिन वो वहीं आपका साथ देते हैं जहां उन्हें फायदा होता है।
पुतिन का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर मॉस्को के साथ व्यापारिक रिश्तों में कटौती करने के लिए बनाए जा रहे दबाव के सीधे जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
BRICS बनाम G7
आर्थिक मंच पर बोलते हुए पुतिन ने यह भी दावा किया कि ब्रिक्स (BRICS) देश अब आर्थिक मोर्चे पर G7 देशों से आगे निकल गए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि रूस विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक बना रहेगा और मास्को अपने सहयोगियों और पड़ोसियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।
