वडोदरा में जनगणना का पहला चरण शुरू, एक दरवाजे वाले घर को माना जाएगा एक आवास
2169 ब्लॉकों में तैनात गणनाकर्मी कर रहे हैं सर्वेक्षण; ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन का भी मिल रहा लाभ
देशव्यापी जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत वडोदरा जिले में घरों की सूची तैयार करने और आवासों की पहचान का कार्य तेज़ी से चल रहा है। जिले के 2169 ब्लॉकों में 2160 गणनाकर्मी (एन्यूमरेटर) तैनात किए गए हैं, जो निर्धारित क्षेत्रों में जाकर घरों और परिवारों का विवरण एकत्र कर रहे हैं।
जनगणना विभाग द्वारा ब्लॉकों का निर्धारण दो प्रमुख मानकों के आधार पर किया गया है। प्रत्येक ब्लॉक में औसतन 750 से 850 लोगों की आबादी तथा 200 से 250 घर शामिल किए गए हैं। गणनाकर्मियों को सैटेलाइट तकनीक की सहायता से तैयार किए गए विशेष मानचित्र भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके आधार पर घरों की पहचान और क्रमांकन किया जा रहा है।
जनगणना प्रक्रिया के दौरान कुछ विशेष परिस्थितियों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यदि किसी मकान में दो अलग-अलग परिवार रहते हैं, लेकिन प्रवेश द्वार एक ही है, तो उसे एक घर और दो परिवार के रूप में दर्ज किया जाएगा। वहीं, यदि मकान में दो अलग-अलग प्रवेश द्वार हैं, तो उसे दो घर और दो परिवार माना जाएगा।
परिवार की परिभाषा को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यदि किसी परिवार के साथ उसकी अविवाहित, परित्यक्ता या विधवा बेटी अथवा बहन निवास करती है, तो उसे परिवार का सदस्य माना जाएगा। हालांकि, उन्हें अलग दंपती (कपल) के रूप में दर्ज नहीं किया जाएगा।
इस बार जनगणना में तकनीक के व्यापक उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। पहली बार नागरिकों को ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा प्रदान की गई है, जिसके तहत वे स्वयं अपनी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकते हैं। वडोदरा जिले में अब तक लगभग 24 हजार लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है। ऐसे नागरिकों को गणनाकर्मी के समक्ष केवल अपना पंजीकरण नंबर प्रस्तुत करना होगा।
यदि गणनाकर्मी के पहुंचने पर घर बंद मिलता है, तो आवश्यक जानकारी पड़ोसियों से प्राप्त की जा सकती है। वहीं, घर खाली होने की स्थिति में संबंधित टिप्पणी दर्ज की जाएगी। जनगणना के दौरान नागरिकों से कुल 34 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनके आधार पर विस्तृत जनसांख्यिकीय आंकड़े तैयार किए जाएंगे।
