सूरत : माहेश्वरी लग्जरिया में श्रीमद्भागवत कथा का हुआ भव्य समापन, सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित मोक्ष प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

बांगड़ परिवार के आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का संगम; बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लिया कथा का पुण्य लाभ

 सूरत : माहेश्वरी लग्जरिया में श्रीमद्भागवत कथा का हुआ भव्य समापन, सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित मोक्ष प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर

सूरत के पर्वत पाटिया स्थित माहेश्वरी लग्जरिया में सीतादेवी-राधेश्याम बांगड़ परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन तथा राजा परीक्षित मोक्ष प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव में सराबोर हो गए। पूरे कथा स्थल पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

आयोजक परिवार के बालमुकुंद बांगड़ ने बताया कि व्यासपीठ से संत दिग्विजयराम जी महाराज ने सुदामा चरित्र का अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादायी वर्णन किया। भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के प्रेम, समर्पण और सच्ची मित्रता की कथा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

मीडिया संयोजक सुनील माहेश्वरी के अनुसार, कथा स्थल को आकर्षक पुष्प सज्जा और रंग-बिरंगी सजावट से विशेष रूप से सजाया गया था। भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने मंगल गीतों और भजनों के साथ अंतिम दिवस के उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित महिलाओं ने कार्यक्रम की गरिमा और शोभा को और बढ़ाया।

कथा समापन अवसर पर महाप्रसाद का वितरण भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। आयोजक परिवार के मुकेश बांगड़ एवं भरत बांगड़ ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का संवर्धन करना तथा युवा पीढ़ी को भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना है।

उन्होंने बताया कि कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया। अंतिम दिन सूरत सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए अनेक प्रतिष्ठित सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी कथा में भाग लेकर व्यासपीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया।

Tags: Surat