सूरत : इंपोर्ट-एक्सपोर्ट सेक्टर में सफलता के लिए सही प्रोडक्ट चयन और धैर्य जरूरी: SGCCI मेगा मीट में विशेषज्ञों की सलाह

‘मेगा मीट इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कोर्स’ में एक्सपर्ट्स ने युवाओं और व्यापारियों को दिए ग्लोबल बिज़नेस के प्रैक्टिकल मंत्र

सूरत : इंपोर्ट-एक्सपोर्ट सेक्टर में सफलता के लिए सही प्रोडक्ट चयन और धैर्य जरूरी: SGCCI मेगा मीट में विशेषज्ञों की सलाह

सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) द्वारा सरसाना स्थित सूरत इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (SIECC) में ‘मेगा मीट इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कोर्स’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कोर्स के पूर्व विद्यार्थियों, युवा उद्यमियों और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

साल 2023 में तत्कालीन चैंबर अध्यक्ष रमेशभाई वघासिया के कार्यकाल में शुरू हुई इस विशेष ट्रेनिंग सीरीज़ के तहत अब तक 28 बैच सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं, जबकि कुल 968 विद्यार्थी इस कोर्स से प्रशिक्षित होकर निकल चुके हैं।

‘भारत उड़ान मिशन बाय इंपोर्ट एंड एक्सपोर्ट ट्रेनिंग एकेडमी’ के अमितभाई मुलानी ने कहा कि यह कोर्स इंपोर्ट-एक्सपोर्ट के मूलभूत सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप में समझाने का काम करता है। उन्होंने बताया कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने पिछले वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड 39 लाख करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 2 लाख करोड़ रुपये अधिक है।

उन्होंने कहा कि ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि भारतीय व्यापारियों के लिए इंपोर्ट-एक्सपोर्ट सेक्टर में असीम संभावनाएं मौजूद हैं।

ICICI बैंक के ट्रेड एवं फॉरेक्स वर्टिकल से जुड़े हार्दिकभाई पटेल ने छोटे व्यापारियों को बैंकिंग प्रक्रियाओं को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि कारोबारियों के लिए कंपनी का रजिस्टर्ड एड्रेस स्थिर होना चाहिए तथा GST रजिस्ट्रेशन में व्यवसाय की सही जानकारी देना जरूरी है।

उन्होंने यह भी बताया कि इंपोर्ट के दौरान अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी से बचने और विदेशी कंपनियों की विश्वसनीयता जांचने के लिए DNB (डन एंड ब्रैडस्ट्रीट) सर्विस बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

डायनामिक शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स के स्नेहलभाई पटेल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए केवल उत्पाद की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन लागत को भी नियंत्रित करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि विदेशी खरीदारों के साथ बेहतर तालमेल और मजबूत पेमेंट क्लियरेंस भविष्य में बड़े ऑर्डर हासिल करने में मददगार साबित होते हैं।

एसोराज प्राइवेट लिमिटेड के मौलिकभाई भदानी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि दूसरों को देखकर प्रोडक्ट चुनने से असफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने सलाह दी कि उद्यमियों को वही प्रोडक्ट चुनना चाहिए, जिसमें उनकी व्यक्तिगत रुचि हो और जिसकी उन्हें अच्छी समझ हो।

उन्होंने बताया कि उन्हें सही प्रोडक्ट चुनने में चार वर्ष लगे और कंपनी शुरू करने के लगभग दो साल बाद उन्हें नाइजीरिया से पहला ऑर्डर मिला। उन्होंने कहा कि एक्सपोर्ट बिज़नेस में सफलता के लिए कम से कम पांच वर्षों तक लगातार मेहनत, समर्पण और धैर्य रखना बेहद आवश्यक है।

लूथरा ग्रुप के चेयरमैन गिरीशभाई लूथरा ने सफल व्यवसाय और लाइफ बैलेंस पर अपने विचार रखते हुए कहा कि व्यवसाय में निरंतर समर्पण जरूरी है, लेकिन काम के बीच उचित आराम भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने सफलता के तीन मुख्य मंत्र बताए — बेहतरीन प्रेजेंटेशन, आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग और कर्मचारियों के साथ मजबूत व्यक्तिगत संबंध।

ECGC लिमिटेड के सूरत ब्रांच मैनेजर सौरभ जैन ने कहा कि एक्सपोर्टर्स को सरकारी सब्सिडी और वित्तीय सहायता योजनाओं का लाभ लेने के लिए सबसे पहले IEC (इंपोर्ट एक्सपोर्ट कोड) और DGFT रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए। इसके बाद ही लक्ष्य बाजार और निर्यात देशों का चयन करना बेहतर रहता है।

कार्यक्रम के अंत में आयोजित विशेष प्रश्नोत्तर सत्र में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों और व्यापारियों के इंपोर्ट-एक्सपोर्ट से जुड़े विभिन्न सवालों और शंकाओं का समाधान किया।

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