सूरत : “ऑर्गन मैन ऑफ इंडिया” नीलेश मंडलेवाला को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म श्री से किया सम्मानित
यह सिर्फ मेरा नही सभी अंगदाताओं के परिवारों का सम्मान, 'पद्म श्री'अवॉर्ड को द्वारकाधीश और माता-पिता के चरणों में किया समर्पित,
सूरत : अंगदान जागरूकता के क्षेत्र में पिछले दो दशकों से निरंतर कार्य कर रहे नीलेश मंडलेवाला को भारत सरकार द्वारा “पद्म श्री” सम्मान से नवाजा गया है। “ऑर्गन मैन ऑफ इंडिया” के नाम से प्रसिद्ध और डोनेट लाइफ के संस्थापक नीलेश मंडलेवाला को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार-2026 समारोह में सम्मानित किया।
समारोह में उपराष्ट्रपति उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधान मंत्री नरेंद्रभाई मोदी, गृह मंत्री अमितभाई शाह समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समाज सेवा और अंगदान के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने 26 जनवरी 2026 को उनके नाम की पद्म श्री पुरस्कार के लिए घोषणा की थी।
सम्मान प्राप्त करने के बाद भावुक हुए नीलेश मंडलेवाला ने कहा, “यह सम्मान केवल मेरा या डोनेट लाइफ संस्था का नहीं, बल्कि पूरे सूरत शहर, गुजरात राज्य, सभी ऑर्गन डोनर्स, उनके परिवारों और अंगदान अभियान से जुड़े हर व्यक्ति का सम्मान है।” उन्होंने यह पुरस्कार अपने दिवंगत माता-पिता और भगवान द्वारकाधीश को समर्पित किया।
नीलेश मंडलेवाला ने कहा कि अंगदान अभियान को सफल बनाने में सूरत और दक्षिण गुजरात के डॉक्टरों, अस्पतालों, सूरत सिटी पुलिस, एयरपोर्ट अथॉरिटी, सिविल अस्पताल के फोरेंसिक विभाग, सीआईएसएफ, मीडिया संस्थानों, स्वयंसेवकों और सामाजिक संगठनों का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक जिम्मेदारी के साथ अंगदान जागरूकता अभियान आगे बढ़ाने की प्रेरणा देगा।
गौरतलब है कि नीलेश मंडलेवाला ने वर्ष 2005 में सूरत में अंगदान जागरूकता अभियान की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में लोगों में जागरूकता की भारी कमी थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
अस्पतालों के आईसीयू के बाहर घंटों खड़े रहकर वे ब्रेन-डेड मरीजों के परिजनों को अंगदान के लिए समझाते रहे। कई बार उन्हें विरोध, अपमान और कठिन परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपना मिशन जारी रखा।
वर्ष 2014 में उन्होंने “डोनेट लाइफ” संस्था की स्थापना की, जिसके माध्यम से सेमिनार, वॉकथॉन, प्रदर्शनी, रेडियो-टीवी कार्यक्रम, डिजिटल और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए देशभर में अंगदान के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाई गई। संस्था अब तक 10 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बना चुकी है।
नीलेश मंडलेवाला और उनकी संस्था के प्रयासों से अब तक 1380 से अधिक अंग और टिश्यू दान किए जा चुके हैं, जिससे देश-विदेश के 1270 से अधिक लोगों को नई जिंदगी और नई रोशनी मिली है। कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी उन्होंने सूरत से 203 अंग और टिश्यू डोनेट कराकर 182 मरीजों को नया जीवन दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
अंगदान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें देश और विदेश की विभिन्न संस्थाओं द्वारा 70 से अधिक पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें गुजरात सरकार का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “गुजरात गरिमा पुरस्कार” भी शामिल है।
आज टेक्सटाइल और डायमंड सिटी के रूप में पहचाना जाने वाला सूरत शहर, अंगदान जागरूकता के क्षेत्र में भी देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुका है, जिसका बड़ा श्रेय पद्मश्री नीलेश मंडलेवाला और उनकी संस्था डोनेट लाइफ को जाता है।
