सूरत की अधिवक्ता प्रीति जोशी ने उठाई वकीलों की सुरक्षा की मांग
बार काउंसिल ऑफ इंडिया की मुलाकात; अदालतों में ग्रीवांस सेल और स्टेट मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने की मांग
सूरत : देशभर में वकीलों की सुरक्षा और महिला अधिवक्ताओं के साथ बढ़ रही उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर बार काउंसिल ऑफ गुजरात (BCG) की सदस्य एडवोकेट प्रीति जिग्नेश जोशी ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को प्रभावी रूप से लागू करने और महिला वकीलों की सुरक्षा के लिए विशेष मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाने की मांग उठाई है।
जानकारी के अनुसार, 20 मई 2026 को एडवोकेट प्रीति जिग्नेश जोशी और एडवोकेट दीपिका चावड़ा ने दिल्ली स्थित बार काउंसिल ऑफ इंडिया( BCI) कार्यालय में मुलाकात कर इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।
अधिवक्ता प्रीति जोशी ने लिखित प्रस्तुति के माध्यम से कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वकीलों पर हमले, झूठे मुकदमे और धमकियों की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे अधिवक्ताओं के बीच असुरक्षा का माहौल पैदा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जब न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ माने जाने वाले वकील स्वयं सुरक्षित महसूस नहीं करते, तो इसका सीधा असर न्यायिक प्रक्रिया पर पड़ता है।
उन्होंने मांग की कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया जल्द एक विशेष समिति गठित करे, जो पूरे देश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करे। साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के समक्ष इस कानून को सख्ती से लागू कराने के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व किया जाए, ताकि अधिवक्ता बिना किसी भय के अपने मुवक्किलों का पक्ष रख सकें।
महिला वकीलों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कोर्ट परिसर और चैंबरों में महिला अधिवक्ताओं के साथ होने वाले मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न को रोकने के लिए प्रत्येक बार एसोसिएशन स्तर पर सक्रिय और अधिकृत शिकायत निवारण समिति (ग्रिवांस सेल) गठित करने की मांग की।
इस दौरान एडवोकेट प्रीति जोशी और एडवोकेट दीपिका चावड़ा ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मननभाई मिश्रा की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी विधिक संस्था के रूप में बार काउंसिल ऑफ इंडिया हमेशा अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए अग्रणी रही है।
दोनों अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि इस मुद्दे पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और वकीलों, विशेषकर महिला अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
