सूरत :  Ph.D. रिसर्चर्स के लिए बड़ी पहल, चयनित शोधार्थियों को तीन वर्षों में ₹3 लाख तक की सहायता

एसजीसीसीआई गोल्डन जुबली मेमोरियल ट्रस्ट ने विभिन्न क्षेत्रों में डॉक्टरल फेलोशिप के लिए आवेदन मांगे

सूरत :  Ph.D. रिसर्चर्स के लिए बड़ी पहल, चयनित शोधार्थियों को तीन वर्षों में ₹3 लाख तक की सहायता

सूरत : दक्षिण गुजरात में उच्च शिक्षा और रिसर्च को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ‘एसजीसीसीआई गोल्डन जुबली मेमोरियल ट्रस्ट’ ने Ph.D. रिसर्च स्कॉलर्स के लिए डॉक्टरल फेलोशिप योजना की घोषणा की है।

ट्रस्ट ने प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से जरूरतमंद शोधार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। चयनित उम्मीदवारों को उनके रिसर्च कार्य के लिए तीन वर्षों में कुल ₹3 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने बताया कि ट्रस्ट इससे पहले एसवीएनआईटी के भव्येश एन. देसाई और उका तरसाडिया यूनिवर्सिटी के अनिकेत एच. सावंत को सफलतापूर्वक यह स्कॉलरशिप प्रदान कर चुका है।

उद्योग और शिक्षा जगत के सहयोग से शुरू की गई पहल

 एसजीसीसीआई गोल्डन जुबली मेमोरियल ट्रस्ट के चेयरमैन एवं चैंबर के पूर्व अध्यक्ष रजनीकांत मारफतिया ने कहा कि एकेडेमिया और इंडस्ट्री के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में इस विशेष डॉक्टरल फेलोशिप की शुरुआत की गई थी।

इस पहल के अंतर्गत राजहंस ग्रुप, कलरटेक्ष, एथर इंडस्ट्रीज, अनुपम रसायण, और एन्वीरो कंट्रोल जैसे प्रमुख औद्योगिक समूह प्रतिभाशाली शोधार्थियों को फेलोशिप उपलब्ध कराएंगे।

इन क्षेत्रों के शोधार्थी कर सकेंगे आवेदन

फेलोशिप के लिए वे शोधार्थी आवेदन कर सकेंगे, जिनका रिसर्च कार्य प्योर साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, आईटी, फार्मा, इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट साइंसेज से संबंधित हो।

इसके अलावा, आवेदनकर्ता साउथ गुजरात के सूरत, नवसारी, वलसाड, डांग, भरूच और तापी जिलों की किसी मान्यता प्राप्त सरकारी या निजी यूनिवर्सिटी में Ph.D. के लिए पंजीकृत होना चाहिए।

चैंबर ऑफ कॉमर्स ने दक्षिण गुजरात के सभी पात्र रिसर्च स्कॉलर्स से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने और समय सीमा के भीतर अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।

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